ACE Software Exports ने QeApps Private Limited को पूरी तरह खरीदने का ऐलान किया है। इस **₹12 करोड़** के सौदे के लिए कंपनी अपने पुराने Rights Issue के फंड का इस्तेमाल करेगी।
सौदे की पूरी जानकारी
ACE Software Exports ने QeApps Private Limited में 100% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। इस एक्विजिशन (Acquisition) के लिए कंपनी ₹1,200 लाख (यानी ₹12 करोड़) की राशि का निवेश करेगी। कंपनी ने जानकारी दी है कि इस डील के लिए फंड को नवंबर 2025 के Rights Issue से री-एलोकेट किया जाएगा। साथ ही, कंपनी ने QeLearn Private Limited में अतिरिक्त ₹100 लाख के निवेश की भी घोषणा की है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
यह एक 'रिलेटेड-पार्टी' ट्रांजैक्शन है क्योंकि ACE Software के कुछ प्रमोटर्स QeApps में भी शेयरहोल्डर हैं। इसके चलते इस डील और फंड री-एलोकेशन पर 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 32वीं AGM में शेयरधारकों की मंजूरी अनिवार्य है। निवेशकों को इस अधिग्रहण के फायदे और गवर्नेंस से जुड़े पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए।
फंड और टाइमलाइन में बदलाव
कंपनी ने अपने पार्टली पेड-अप शेयर्स के लिए डेडलाइन में बदलाव किया है। अब फर्स्ट कॉल (First Call) का पेमेंट विंडो 2 सितंबर, 2026 से 16 सितंबर, 2026 के बीच खुला है।
कंपनी की परफॉरमेंस
लक्ष्य बनी कंपनी QeApps की ग्रोथ की बात करें, तो कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ₹95 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹65 लाख था।
आगे क्या करना है?
शेयरधारकों को आगामी AGM के एजेंडे और वैल्यूएशन रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। ई-वोटिंग की प्रक्रिया 25 सितंबर, 2026 से शुरू होकर 27 सितंबर, 2026 तक चलेगी।
