ACE Software Exports ने अपने राइट्स इश्यू से मिले फंड का इस्तेमाल करते हुए ₹20 करोड़ का बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने QeApps को ₹12 करोड़ में खरीदा है, जबकि ₹8 करोड़ अपनी सब्सिडियरी कंपनियों QeLearn और QeMFG में डाले हैं।
स्ट्रैटेजिक विस्तार के लिए ₹20 करोड़ का दांव
ACE Software Exports अपनी सर्विस रेंज को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के लिए आक्रामक मोड में है। कंपनी ने अपने हालिया राइट्स इश्यू से जुटाए गए फंड का उपयोग करते हुए कुल ₹20 करोड़ का निवेश किया है।
कंपनी ने QeApps Private Limited में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ₹12 करोड़ खर्च किए हैं। इसके अलावा, कंपनी की अन्य दो सब्सिडियरी कंपनियों में भी पूंजी डाली गई है, जिसमें QeLearn को ₹1 करोड़ और QeMFG को ₹7 करोड़ मिले हैं।
क्यों खास है यह डील?
इस अधिग्रहण के साथ कंपनी ने Shopify के ई-कॉमर्स इकोसिस्टम में सीधी एंट्री ले ली है। QeApps के पास वर्तमान में 20 से अधिक ऐप्स का पोर्टफोलियो है जो 15 देशों में काम कर रहे हैं। इस कदम से कंपनी को डिजिटल रिटेल सेक्टर में अपने रेवेन्यू को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
ट्रांजेक्शन और पारदर्शिता
यह अधिग्रहण एक 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' है, क्योंकि प्रमोटर ग्रुप का पहले से ही QeApps में हिस्सा था। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा पूरी तरह से 'आर्म्स लेंथ' (Arm's Length) आधार पर हुआ है। इसे वेरिफाई करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट जिगर पी. शाह की स्वतंत्र वैल्यूएशन रिपोर्ट का सहारा लिया गया है, ताकि शेयरधारकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि नई खरीदी गई Shopify ऐप्स से कंपनी को कितनी आय (Revenue) मिलती है और QeLearn तथा QeMFG में डाले गए इस फंड का असर कंपनी के ऑपरेशनल रिजल्ट्स पर कैसा पड़ता है।
