63 Moons Q2 Results: स्टैंडअलोन मुनाफे में उछाल, लेकिन कानूनी पेच अभी भी बरकरार

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AuthorNeha Patil|Published at:
63 Moons Q2 Results: स्टैंडअलोन मुनाफे में उछाल, लेकिन कानूनी पेच अभी भी बरकरार

63 Moons Technologies ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹12 करोड़** हो गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में **₹2.4 करोड़** था। हालांकि, कंसोलिडेटेड स्तर पर कंपनी को **₹28.73 करोड़** का घाटा हुआ है और ऑडिटर्स ने NSEL से जुड़े कानूनी मामलों का हवाला देते हुए 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल

कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों में सुधार देखने को मिला है। Q2 FY27 में कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹34.56 करोड़ रही। वहीं, साल-दर-साल आधार पर नेट प्रॉफिट में दमदार तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, कंसोलिडेटेड मोर्चे पर स्थिति थोड़ी कमजोर है, जहां घाटा पिछले साल के ₹28.15 करोड़ से बढ़कर ₹28.73 करोड़ हो गया है।

ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' क्यों?

कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने नतीजों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। इसका मुख्य कारण लंबित सिविल मुकदमे, FIR और विभिन्न जांच एजेंसियों जैसे EOW, CBI और SFIO द्वारा चल रही कार्रवाई है। ऑडिटर्स का कहना है कि इन कानूनी कार्यवाही का वित्तीय असर अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

NSEL और Yes Bank पर अपडेट

  • NSEL सेटलमेंट: कंपनी NCLT द्वारा 28 नवंबर, 2025 को मंजूर की गई स्कीम को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
  • Yes Bank AT-1 बॉन्ड्स: सुप्रीम कोर्ट का फैसला कंपनी के पक्ष में आने के बावजूद, कंपनी ने अभी तक ब्याज आय को बुक नहीं किया है। कंपनी ने साफ किया है कि जब तक बैंक की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती, तब तक पिछले राइट-ऑफ को रिवर्स नहीं किया जाएगा।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों को कंपनी पर चल रहे कानूनी दांव-पेच पर नजर रखने की जरूरत है। NSEL विवाद का समाधान न निकलना स्टॉक के लिए एक बड़ा 'ओवरहैंग' बना हुआ है। ED, SFIO और अन्य रेगुलेटर्स की अगली चाल कंपनी की वैल्यूएशन और वित्तीय सेहत पर गहरा असर डाल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.