3i Infotech ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹35.1 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। यह लगातार दूसरे साल कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है। इस दौरान, कंपनी का रेवेन्यू **4.2%** बढ़कर **₹783.7 करोड़** हो गया, जबकि EBITDA **53.9%** की जोरदार छलांग के साथ **₹72 करोड़** तक पहुंच गया।
लगातार दूसरे साल मुनाफे में 3i Infotech
3i Infotech ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹35.1 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह लगातार दूसरा ऐसा साल है जब कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए मुनाफा कमाया है। इस अवधि में, कंपनी की कुल आय 4.2% बढ़कर ₹783.7 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष ₹751.8 करोड़ थी।
EBITDA और मार्जिन में बड़ी उछाल
कंपनी के अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में साल-दर-साल 53.9% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और यह ₹72 करोड़ पर पहुंच गया। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन में भी सुधार देखा गया, जो 392 बेसिस पॉइंट बढ़कर 10.4% हो गया।
क्यों यह खबर अहम है?
लगातार दूसरे साल मुनाफा कमाना 3i Infotech के लिए एक बड़े टर्नअराउंड (turnaround) का संकेत देता है। बेहतर EBITDA और मार्जिन कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) और कॉस्ट मैनेजमेंट (cost management) को दिखाते हैं। ₹64 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) का सफलतापूर्वक पूरा होना, जो ओवरसब्सक्राइब (oversubscribed) भी हुआ, निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है और यह फंड कंपनी की वर्किंग कैपिटल (working capital) और क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।
कंपनी की पिछली रणनीति
3i Infotech अपनी 'विजन 2030' योजना के तहत महत्वपूर्ण ग्रोथ हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अपने पुराने वित्तीय मामलों को सुलझाने और ऑपरेशनल परफॉरमेंस (operational performance) को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। अक्टूबर 2025 में किया गया राइट्स इश्यू कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम था।
आगे क्या बदलेगा?
लगातार दो साल के मुनाफे और बेहतर मार्जिन के साथ, कंपनी अब वित्तीय रूप से अधिक स्थिर स्थिति में है। राइट्स इश्यू से जुटाई गई पूंजी को कंपनी की ग्रोथ पहलों को सपोर्ट करने की उम्मीद है। निवेशक अब कंपनी से लगातार मुनाफा कमाने और महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्यों की दिशा में प्रगति की उम्मीद करेंगे।
जोखिमों पर एक नज़र
मुख्य चिंताओं में 2005-2022 तक के पुराने FEMA कंप्लायंस (compliance) मुद्दों का समाधान शामिल है, जिसके लिए कंपनी के प्रबंधन को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ काफी बातचीत करनी होगी। कंपनी को अपनी विशेषज्ञ प्रतिभा पर निर्भरता से जुड़े ऑपरेशनल जोखिमों का भी सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, प्रबंधन ने बताया कि FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ आंतरिक उम्मीदों से कम रही, जो टॉप-लाइन (top-line) विस्तार में तेजी लाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
आगे क्या देखना होगा
निवेशकों को कंपनी द्वारा पुराने रेगुलेटरी मुद्दों को हल करने की दिशा में की जा रही प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। 'विजन 2030' लक्ष्य के मुकाबले रेवेन्यू ग्रोथ और मुनाफे व मार्जिन में और सुधार भविष्य के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
