3i Infotech ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹182.01 करोड़** और प्रॉफिट **₹6.72 करोड़** रहा है। हालांकि, ऑपरेशन्स में मामूली बढ़त के बावजूद ऑडिटर्स ने कंपनी की सब्सिडियरीज को लेकर 'गोइंग कंसर्न' पर सवाल उठाए हैं।
नतीजों का हाल
3i Infotech ने वित्त वर्ष FY27 की दूसरी तिमाही के लिए वित्तीय आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के ₹5.86 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹6.72 करोड़ रहा है। वहीं, रेवेन्यू भी ₹177.94 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹182.01 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने भविष्य की तैयारी के लिए ₹1 करोड़ के निवेश के साथ एक नई AI सब्सिडियरी बनाने और Shirsendu Chaudhuri को चीफ ग्रोथ ऑफिसर नियुक्त करने की घोषणा की है।
ऑडिटर्स की 'लाल झंडी'
दिखने वाली इस मामूली ग्रोथ के पीछे ऑडिटर्स ने कई चिंताएं जताई हैं। ऑडीटर्स की रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' दिया गया है। मुख्य चिंता 3i Infotech (Middle East) FZ LLC से मिलने वाले ₹41.12 करोड़ (411.21 मिलियन) के रिकवरी को लेकर है। इसके अलावा, प्रोफेशनल एक्सेस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, 3i Infotech (UK) और 3i Infotech (Cyprus) जैसी इकाइयों के बढ़ते नुकसान के कारण उनकी 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
कानूनी पचड़े और चुनौतियां
कंपनी के पुराने कानूनी मामलों की बात करें तो Economic Offences Wing (EOW) की जांच को लेकर कंपनी का कहना है कि 13 अगस्त, 2026 को अधिकारियों ने इसे 'सिविल मामला' करार दिया है, जिसकी जांच अभी फॉरेंसिक ऑडिटर्स कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
भले ही कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन साल-दर-साल आधार पर देखें तो यह पिछले साल के ₹25.04 करोड़ के मुकाबले काफी कम है। निवेशकों को ऑडिटर्स की इन टिप्पणियों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरीज की वित्तीय हालत आने वाले समय में कंपनी की स्थिरता पर असर डाल सकती है।
