3i Infotech ने FY26 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **38.5%** बढ़कर **₹35.1 करोड़** हो गया, जबकि रेवेन्यू में **4.5%** की मामूली गिरावट आई। बेहतर मार्जिन और लागत में कटौती इसकी मुख्य वजहें रहीं।
3i Infotech का शानदार प्रदर्शन: मुनाफा बढ़ा, रेवेन्यू घटा!
3i Infotech ने वितीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹35.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹25.4 करोड़ की तुलना में 38.5% की बड़ी बढ़ोतरी है। इसी के साथ, प्रति शेयर आय (EPS) भी 27.1% बढ़कर ₹1.83 हो गई, जो पिछले साल ₹1.44 थी।
पाठकों के लिए खास: बेहतर मुनाफा और मजबूत बैलेंस शीट अच्छी खबरें हैं, लेकिन पुराने रेगुलेटरी मामले और बिक्री परफॉर्मेंस पर नजर रखनी होगी।
क्या हुआ?
FY26 के लिए 3i Infotech का कुल रेवेन्यू ₹693.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 4.5% कम है। वहीं, कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) में जबरदस्त सुधार देखने को मिला। EBITDA 53.9% बढ़कर ₹72 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो भी सुधरकर 0.16 हो गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने सफलतापूर्वक अपने हाई-मार्जिन वाले बिजनेस सेगमेंट्स पर फोकस किया है और लागत प्रबंधन (Cost Management) में भी कामयाबी पाई है। लगातार मुनाफा कमाना और बैलेंस शीट को मजबूत करना शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी का लक्ष्य FY2030 तक अपना रेवेन्यू तीन गुना करने का है।
जानिए पूरी कहानी
कंपनी ने अक्टूबर 2025 में ₹64 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) भी पूरा किया था, जो ओवरसब्सक्राइब हुआ था। इस पैसे का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, 3i Infotech ने अप्रैल 2026 में SAP पार्टनर इकोसिस्टम का भी विस्तार किया है।
अब क्या बदलेगा?
बेहतर मुनाफे और स्केलेबल बिजनेस लाइन्स पर फोकस के साथ, कंपनी भविष्य में ग्रोथ के लिए तैयार दिख रही है। SAP पार्टनरशिप और राइट्स इश्यू से मिले फंड्स 'विजन 2030' प्लान को रफ्तार देंगे।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
निवेशकों को 2005-2022 के बीच के पुराने रेगुलेटरी मामलों पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें लोन रीस्ट्रक्चरिंग और FEMA कंप्लायंस शामिल हैं। मई 2026 में एक संभावित साइबर सुरक्षा घटना की भी रिपोर्ट है, हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है। नए बिजनेस अधिग्रहण में बिक्री निष्पादन (Sales Execution) की चुनौतियां भी चिंता का विषय हैं।
साथियों से तुलना
हालांकि, कंपनी की ओर से साथियों की तुलना का कोई डेटा नहीं दिया गया है, लेकिन IT सर्विसेज सेक्टर में हाई-मार्जिन सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करना और कम लाभ वाले क्षेत्रों को तर्कसंगत बनाना एक आम चलन है। सीधे तुलना के लिए विशिष्ट साथियों के प्रदर्शन डेटा की आवश्यकता होगी।
मुख्य आंकड़े (समय के साथ)
- रेवेन्यू (FY26): ₹693.3 करोड़ (FY25 में ₹725.8 करोड़)
- EBITDA (FY26): ₹72 करोड़ (FY25 में ₹47 करोड़)
- PAT (FY26): ₹35.1 करोड़ (FY25 में ₹25.4 करोड़)
- EPS (FY26): ₹1.83 (FY25 में ₹1.44)
- EBITDA मार्जिन (FY26): 10.4% (FY25 में 6.5%)
- Debt-Equity Ratio (FY26): 0.16 (FY25 में 0.21)
आगे क्या देखें
निवेशक कंपनी की नई व्यावसायिक अधिग्रहण में तेजी लाने की क्षमता, पुराने रेगुलेटरी मुद्दों के समाधान और अपने महत्वाकांक्षी राजस्व वृद्धि लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए परिचालन मार्जिन में निरंतर सुधार को उत्सुकता से देखेंगे।
