Raymond Share Price: टेक्सटाइल कंपनी ने लिया बड़ा दांव! एयरोस्पेस, डिफेंस में करेगी ₹331 करोड़ का निवेश

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AuthorMehul Desai|Published at:
Raymond Share Price: टेक्सटाइल कंपनी ने लिया बड़ा दांव! एयरोस्पेस, डिफेंस में करेगी ₹331 करोड़ का निवेश

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Raymond Limited अपने शेयरधारकों से ₹330.88 करोड़ जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) लाएगी। इस फंड का इस्तेमाल एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव और डिफेंस सेक्टर में स्ट्रैटेजिक अधिग्रहण (Acquisition) के लिए किया जाएगा। कंपनी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों का फायदा उठाने की तैयारी में है।

'मेक इन इंडिया' पर बड़ा दांव

Raymond Limited ने शेयरधारकों की मंजूरी के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ₹330.88 करोड़ का प्रेफरेंशियल इश्यू ऑफ वारंट्स (Preferential Issue of Warrants) लाएगी। इस फंड का मुख्य उद्देश्य हाई-ग्रोथ वाले इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर, खासकर एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव और डिफेंस में रणनीतिक अधिग्रहण (Strategic Acquisitions) करना है।

फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने EGM नोटिस में साफ किया है कि जुटाए गए कुल ₹330.88 करोड़ में से 75% यानी ₹248.16 करोड़ एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव और डिफेंस सेक्टर्स में अधिग्रहण के लिए रखे जाएंगे। वहीं, बाकी बचे 25%, यानी ₹82.72 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा।

क्यों यह कदम महत्वपूर्ण है?

यह फैसला Raymond के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक मूव है, जो इसे टेक्सटाइल बिजनेस से हटकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग की ओर ले जा रहा है। यह सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों के साथ पूरी तरह से मेल खाता है। एयरोस्पेस, स्पेस टेक्नोलॉजी, ऑटोमोटिव (ईवी, एडीएएस) और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में फोकस करके, कंपनी अपने पारंपरिक बिजनेस से आगे बढ़कर अच्छी ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।

आगे क्या?

अगर शेयरधारक 18 जून 2026 को होने वाली EGM में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो कंपनी को नए अधिग्रहण के लिए पूंजी मिल जाएगी। वारंट स्ट्रक्चर से यह फायदा होगा कि पूंजी का आवंटन अधिग्रहण की समय-सीमा के अनुसार होगा, जिससे तुरंत कोई बड़ा डायल्यूशन (Dilution) नहीं होगा और प्रमोटर्स की प्रतिबद्धता भी बनी रहेगी।

किन बातों पर रखनी होगी नजर?

निवेशकों को इस बात पर बारीक नजर रखनी होगी कि ये फंड कैसे इस्तेमाल किए जा रहे हैं और प्रस्तावित अधिग्रहण कितने सफल होते हैं। एक अहम बात यह भी है कि बोर्ड अपनी योजना में +/- 10% तक फंड के इस्तेमाल में बदलाव कर सकता है। इसलिए, वास्तविक उपयोग पर नजर रखना जरूरी होगा।

भविष्य की राह

शेयरधारकों को 18 जून 2026 को होने वाली EGM के नतीजों और भविष्य में होने वाले अधिग्रहणों की घोषणाओं पर ध्यान देना चाहिए। अगले तीन सालों में इन नए बिजनेस वर्टिकल्स के प्रदर्शन और फंड के इस्तेमाल पर नजर रखना काफी अहम होगा।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.