2026 में कैसा रहा मेहता सिक्योरिटीज का प्रदर्शन?
Mehta Securities Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में 31.71% की गिरावट आई है, जो अब ₹0.3101 करोड़ (या ₹31.01 लाख) रह गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में यह ₹0.4541 करोड़ था।
मुनाफे के मोर्चे पर तो कंपनी की हालत और भी खराब नज़र आती है। नेट प्रॉफिट में 99.43% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो FY25 के ₹0.1585 करोड़ (₹15.85 लाख) से घटकर FY26 में महज़ ₹0.0009 करोड़ (₹0.09 लाख) रह गया है। इसी के साथ, बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹0.51 से गिरकर ₹0.00 पर आ गया है।
यह गिरावट क्यों आई?
मुनाफे और रेवेन्यू में आई यह भारी गिरावट कंपनी के लिए बड़ी चुनौती पेश करती है। लगभग शून्य नेट प्रॉफिट कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कमाई की क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
ऑडिट में बड़ी गड़बड़ी
इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' (एडिट लॉग) फीचर के एक्टिवेट न होने की बात कही है। यह कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स और गवर्नेंस में एक बड़ी चूक की ओर इशारा करता है। हालांकि, कंपनी मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि इस समस्या को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से ठीक कर लिया जाएगा।
पिछली बार क्या था हाल?
पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी की स्थिति काफी बेहतर थी। तब रेवेन्यू ₹0.4541 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.1585 करोड़ था। इस साल के नतीजे पिछले साल के एकदम उलट हैं।
आगे क्या?
अब निवेशक यह देखने का इंतज़ार करेंगे कि कंपनी आने वाले समय में अपनी परफॉरमेंस को कैसे सुधारती है और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर करती है। कंपनी ने M/s. Trivedi Parikh & Shah को FY2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है।
जोखिम क्या हैं?
लगातार गिरती परफॉरमेंस और ऑडिट ट्रेल के मुद्दे का भविष्य में कंपनी के ऑडिट या रेगुलेटरी जांच पर असर पड़ सकता है। साथ ही, कंपनी का सिंगल-सेगमेंट बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन की कमी को भी दर्शाता है।
