M.R.Maniveni Foods ने घोषणा की है कि Longthrive Capital VCC ने प्री-आईपीओ (Pre-IPO) और एंकर निवेश के जरिए **15,60,000** शेयर खरीदे हैं, जिससे कंपनी में उसकी हिस्सेदारी **7.97%** हो गई है। इस सौदे से कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी हुई है।
M.R.Maniveni Foods में बड़ा निवेश
M.R.Maniveni Foods Limited ने बताया है कि Longthrive Capital VCC, जिसमें Trendview Capital Fund और Gamma View Funds शामिल हैं, ने कंपनी के 15,60,000 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इसके साथ ही, कंपनी में Longthrive Capital VCC की हिस्सेदारी बढ़कर 7.97% हो गई है।
यह सौदा प्री-आईपीओ (Pre-IPO) और एंकर निवेश के तौर पर हुआ है। शेयरों की यह खरीद 29 मई 2026 को हुई है। खास बात यह है कि यह हिस्सा किसी बाहरी निवेशक का है और इसमें कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई भूमिका नहीं है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम M.R.Maniveni Foods में किसी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (Institutional Investor) के औपचारिक प्रवेश का संकेत देता है। ऐसी निवेश अक्सर उन कंपनियों के लिए होती है जो इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी कर रही होती हैं या बड़े फंड जुटाने के दौर से गुजर रही होती हैं। यह बाहरी निवेशकों के बीच कंपनी की विकास की संभावनाओं को प्रमाणित करता है।
इस हिस्सेदारी के अधिग्रहण से कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल में भी बदलाव आया है। इस सौदे से पहले, M.R.Maniveni Foods के पास 1,43,72,400 इक्विटी शेयर थे। सौदे के बाद, कुल इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर 1,95,72,400 शेयर हो गई है, जिनका फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है।
आगे क्या?
M.R.Maniveni Foods के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में Longthrive Capital VCC के एक महत्वपूर्ण माइनॉरिटी शेयरहोल्डर (Minority Shareholder) के रूप में शामिल होने से बदलाव आया है। निवेशक अब कंपनी की भविष्य की योजनाओं, विशेष रूप से इसके आईपीओ (IPO) की प्रगति और यह नया इंस्टीट्यूशनल निवेश कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और रणनीतिक निर्णयों को कैसे प्रभावित करता है, इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
