Indian Toners & Developers के शेयरधारकों ने कंपनी के शेयरों के फेस वैल्यू (Face Value) को बांटने की मंजूरी दे दी है। अब **₹10** का एक शेयर **₹2** के पांच शेयरों में बंट जाएगा। इस फैसले के पक्ष में **99.98%** वोट पड़े, जिसका मकसद स्टॉक में लिक्विडिटी (Liquidity) और पहुंच बढ़ाना है।
क्या हुआ है?
Indian Toners & Developers लिमिटेड के शेयरधारकों ने कंपनी के इक्विटी शेयरों (Equity Shares) के फेस वैल्यू को सब-डिवाइड (Sub-divide) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत, कंपनी के मौजूदा ₹10 प्रति शेयर के फेस वैल्यू को ₹2 के पांच शेयरों में बांटा जाएगा।
यह क्यों मायने रखता है?
इस शेयर स्प्लिट से कंपनी के स्टॉक की ट्रेडिंग लिक्विडिटी (Trading Liquidity) में सुधार होने की उम्मीद है, क्योंकि अब शेयर प्रति शेयर के हिसाब से अधिक किफायती हो जाएंगे। इससे रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का एक बड़ा वर्ग आकर्षित हो सकता है, जिससे बाजार में भागीदारी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, कंपनी का आंतरिक मूल्य (Intrinsic Value) और मौजूदा शेयरधारकों का मालिकाना हक उसी अनुपात में बना रहेगा।
पूरी कहानी
शेयरों को बांटने का यह प्रस्ताव पोस्टल बैलट (Postal Ballot) के जरिए पारित किया गया, जो 12 जून 2026 को समाप्त हुआ। यह एक सामान्य कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action) है जिसे कई सूचीबद्ध कंपनियां अपने शेयरों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए अपनाती हैं।
अब क्या बदलेगा?
शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, कंपनी स्टॉक स्प्लिट को लागू करने के लिए आवश्यक नियामक फाइलिंग (Regulatory Filings) और परिचालन समायोजन (Operational Adjustments) करेगी। शेयरधारकों को रिकॉर्ड डेट (Record Date) के संबंध में कंपनी की आगे की घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए, जो स्प्लिट की प्रभावी तिथि तय करेगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
हालांकि शेयर स्प्लिट कंपनी के फंडामेंटल्स (Fundamentals) को नहीं बदलते हैं, लेकिन ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) में संभावित वृद्धि से अल्पावधि में अस्थिरता (Volatility) आ सकती है। निवेशकों को स्प्लिट के बजाय कंपनी के मूल व्यावसायिक प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
नतीजों पर एक नजर
शेयर स्प्लिट के लिए पोस्टल बैलट 12 जून 2026 को समाप्त हुआ, जिसमें कुल 72,50,624 वोट डाले गए। इनमें से 72,49,870 वोट ( 99.9896%) प्रस्ताव के पक्ष में थे, और केवल 754 वोट ( 0.0104%) इसके खिलाफ थे।
