Havells India अपने बोर्ड को मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी ने शेयरधारकों से आशीष धवन और शांति एकांबराम को स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर नियुक्त करने के लिए पोस्टल बैलेट के ज़रिए मंजूरी मांगी है। दोनों की नियुक्ति 5 साल के लिए प्रस्तावित है।
Havells India के बोर्ड में होगी नई जान
Havells India अपने निदेशक मंडल (Board of Directors) को और मजबूत करने के लिए दो नए स्वतंत्र निदेशकों, श्री आशीष धवन और सुश्री शांति एकांबराम, की नियुक्ति का प्रस्ताव लेकर आई है। इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए कंपनी शेयरधारकों से पोस्टल बैलेट के माध्यम से मंजूरी मांगेगी। यह नियुक्ति दोनों निदेशकों के लिए 5 साल की शुरुआती अवधि के लिए होगी, जो 19 जून, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
नियुक्ति का क्यों है महत्व?
आशीष धवन, जो 'द कन्वर्जेंस फाउंडेशन' के संस्थापक हैं और पहले क्राइसलकैप (ChrysCapital) का नेतृत्व कर चुके हैं, अपनी प्राइवेट इक्विटी (Private Equity) की गहरी समझ से कंपनी को फायदा पहुंचाएंगे। वहीं, शांति एकांबराम 39 वर्षों के वित्तीय सेवा क्षेत्र के अनुभव के साथ आती हैं, जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर उनका कार्यकाल भी शामिल है। इन दोनों की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजिक प्लानिंग (Strategic Planning) और ESG (Environmental, Social, and Governance) के क्षेत्र में विशेषज्ञता बढ़ेगी।
क्या है पूरी प्रक्रिया?
शेयरधारकों को अपना मत देने के लिए 30 अगस्त, 2026 तक का समय मिलेगा। इसके लिए पोस्टल बैलेट के साथ-साथ रिमोट ई-वोटिंग (Remote E-voting) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यदि शेयरधारक मंजूरी देते हैं, तो यह नियुक्तियां 19 जून, 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
पारदर्शिता का मुद्दा
यह भी सामने आया है कि आशीष धवन द्वारा स्थापित एक संस्था को Havells India की ओर से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत ग्रांट मिली है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस ग्रांट का धवन की स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह गवर्निंग बॉडी की अपेक्षाओं के अनुरूप है। कंपनी ने पिछले दो फाइनेंशियल इयर्स (FY 2024-25 और FY 2025-26) में प्रत्येक में ₹20 करोड़ का वितरण किया है, जबकि 10 साल की CSR प्रतिबद्धता ₹250 करोड़ है और अधिकतम वार्षिक वितरण सीमा ₹30 करोड़ है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें शेयरधारकों के मतदान परिणाम पर टिकी हैं, जो इन नई नियुक्तियों को अंतिम रूप देगा।
