Gravita India के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्म का भरोसा बढ़ा है। फर्म ने स्टॉक को 'BUY' रेटिंग के साथ ₹1,900 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी कॉपर (Copper) के क्षेत्र में कदम रख रही है और वॉल्यूम व कमाई में बड़ी ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Gravita India: ब्रोकरेज ने दी 'BUY' रेटिंग, ₹1,900 का लक्ष्य!
Gravita India Ltd. के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। एक ब्रोकरेज फर्म ने इस स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग जारी की है और ₹1,900 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह मौजूदा बाजार भाव ₹1,725 से एक बड़ी तेजी का संकेत देता है। कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल ₹12,816 करोड़ है।
निवेशकों के लिए खास: कॉपर (Copper) में रणनीतिक विस्तार और मजबूत कमाई की गाइडेंस से शेयरों में तेजी की उम्मीद है, हालांकि एग्जीक्यूशन (Execution) से जुड़े जोखिम भी हैं।
क्या हुआ है?
एक ब्रोकरेज फर्म ने Gravita India पर कवरेज शुरू करते हुए 'BUY' रेटिंग दी है और ₹1,900 का प्राइस टारगेट रखा है। फर्म का अनुमान है कि कंपनी अगले तीन फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में वॉल्यूम में 20-25% सीएजीआर (CAGR) और कमाई में 35% सीएजीआर हासिल करेगी।
क्यों है ये महत्वपूर्ण?
यह 'BUY' रेटिंग और टारगेट प्राइस विश्लेषकों का Gravita India के भविष्य के प्रदर्शन पर मजबूत भरोसा दिखाता है। अगर अनुमानित ग्रोथ रेट, खासकर कमाई में, हासिल होती है तो शेयरधारकों को भारी फायदा हो सकता है। कंपनी का मार्केट कैप बताता है कि यह एक मिड-टू-लार्ज-कैप (Mid-to-large-cap) कंपनी है, जिसका प्रदर्शन निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर डाल सकता है।
पूरी कहानी
Gravita India रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री (Recycling Industry) में एक अहम खिलाड़ी है। कंपनी अपनी रीसाइक्लिंग क्षमता को काफी बढ़ा रही है, जिसका लक्ष्य FY29 तक 8,00,000 MTPA से ज्यादा करना है। इस विस्तार का एक बड़ा कदम Rashtriya Metal Industries Limited (RMIL) में 99.44% हिस्सेदारी का अधिग्रहण है, जिससे कंपनी कॉपर (Copper) और कॉपर अलॉय (Copper Alloys) के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
RMIL के अधिग्रहण और बढ़े हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) गाइडेंस के साथ, Gravita India अपने बिजनेस में विविधता लाने और उसे मजबूत करने के लिए तैयार है। कंपनी ने FY29 तक के लिए अपना कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर गाइडेंस ₹1,200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,700 करोड़ कर दिया है, जिसमें से ₹700 करोड़ नए कॉपर सेगमेंट के लिए रखे गए हैं। इस कदम से कंपनी की कुल लाभप्रदता (Profitability) बढ़ने और 25% से ऊपर रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल (ROIC) बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
ब्रोकरेज फर्म ने दो मुख्य जोखिमों पर प्रकाश डाला है:
- एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk): अगर क्षमता विस्तार की योजनाओं में कोई देरी होती है, तो अनुमानित वॉल्यूम ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
- प्राइस वोलेटिलिटी (Price Volatility): रीसाइक्लिंग बिजनेस स्वाभाविक रूप से कच्चे माल और अंतिम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के अधीन है।
वित्तीय अनुमान (Financial Projections)
वित्तीय अनुमानों के अनुसार, नेट सेल्स FY25 में ₹3,869 करोड़ से बढ़कर FY28E तक अनुमानित ₹6,789 करोड़ हो जाएगी। EBITDA (Adjusted) FY25 में ₹402 करोड़ से बढ़कर FY28E में ₹671 करोड़ होने का अनुमान है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) FY25 में ₹313 करोड़ से बढ़कर FY28E में ₹609 करोड़ होने की उम्मीद है, जबकि अर्निंग्स पर शेयर (EPS) FY25 में ₹42.4 से बढ़कर FY28E में ₹82.5 हो जाएगा।
आगे क्या देखें?
निवेशक RMIL के सफल इंटीग्रेशन (Integration) और कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट्स के समय पर एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखेंगे। वॉल्यूम सीएजीआर (CAGR) लक्ष्य 20-25% और अर्निंग्स सीएजीआर (CAGR) लक्ष्य 35% की दिशा में प्रगति महत्वपूर्ण संकेतकों के रूप में देखी जाएगी।
