क्यों है बाजार पर भरोसा?
Axis Securities का मानना है कि भारतीय बाजार अब कंसॉलिडेशन (Consolidation) के दौर से निकलकर कमाई (Earnings) पर आधारित ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है। मजबूत वैल्यूएशन्स, सरकार की फिस्कल डिसिप्लीन (Fiscal Discipline) और इकोनॉमिक ग्रोथ (Economic Growth) इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चीजें नियर-टर्म में थोड़ी वोलेटिलिटी (Volatility) ला सकती हैं, लेकिन डोमेस्टिक डिमांड (Domestic Demand) के मजबूत होने से लंबी अवधि का आउटलुक (Outlook) पॉजिटिव बना हुआ है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
ब्रोकरेज फर्म ने अपने Top Picks पोर्टफोलियो में भी बदलाव किया है। इन्होंने SBIN और Max Healthcare जैसे स्टॉक्स को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है, जबकि Varun Beverages Ltd और ICICI Bank Ltd को शामिल किया है। Axis Securities का 'ओवरवेट' (Overweight) यानी सबसे ज्यादा फोकस BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस), टेलीकॉम, कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर और पावर & एनर्जी सेक्टर्स पर है। इसके अलावा, ये कंज्यूमर ड्युरेबल्स (Consumer Durables) और कैपेक्स-लिंक्ड साइक्लिकल स्टॉक्स (Capex-linked Cyclical Stocks) में भी तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, AI के बढ़ते प्रभाव के कारण IT सेक्टर पर थोड़ी नरमी बरतने की सलाह दी गई है।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
निवेशकों को कुछ बड़े रिस्क फैक्टर्स (Risk Factors) पर भी नजर रखनी चाहिए। इनमें एनर्जी कॉस्ट (Energy Cost) का बढ़ना, डीजल की कीमतों में संभावित इजाफा, करेंसी (Currency) में उतार-चढ़ाव और मॉनसून (Monsoon) की अनिश्चितता के कारण फूड इन्फ्लेशन (Food Inflation) का रिस्क शामिल है। इसके अलावा, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली, जो ग्लोबल बॉन्ड यील्ड (Global Bond Yields) और मजबूत डॉलर (Strong Dollar) के कारण बढ़ सकती है, एक बड़ी चिंता बनी हुई है। मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ता तनाव भी कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाल सकता है।
भविष्य की राह
Axis Securities ने 2027 फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8% से 6.9% रखा है। वहीं, FIIs ने 2027 फाइनेंशियल ईयर (YTD) में अब तक $8 बिलियन का आउटफ्लो (Outflow) किया है। जून 2026 तक India VIX 16 के स्तर पर रहने का अनुमान है।
निवेशकों को आगे चलकर जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट, कच्चे तेल की कीमतों, FIIs के फ्लो, मॉनसून और Recommended सेक्टर्स के प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
