Wipro की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने कंपनी के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड (Dividend) को मंजूरी दे दी है। साथ ही, अज़ीम प्रेमजी को एक बार फिर डायरेक्टर चुना गया है। हालांकि, उनके दोबारा चुनाव के खिलाफ कुछ वोट पड़े।
Wipro AGM: क्या हुआ खास?
Wipro Limited की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों ने कई अहम प्रस्तावों पर वोटिंग की। कंपनी ने ऐलान किया कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (Audited Financial Statements) को मंजूरी मिल गई है। शेयरधारकों ने ₹5 और ₹6 प्रति इक्विटी शेयर के इंटरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को फाइनल डिविडेंड के तौर पर कन्फर्म किया। इसके अलावा, मिस्टर अज़ीम एच. प्रेमजी को डायरेक्टर के पद पर फिर से नियुक्त किया गया।
शेयरधारकों का भरोसा
AGM के नतीजे Wipro की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और डिविडेंड पॉलिसी पर शेयरधारकों का भरोसा दिखाते हैं। फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और डिविडेंड को मंजूरी मिलना इन्वेस्टर्स का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। मिस्टर प्रेमजी जैसे प्रमुख डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति बोर्ड की निरंतरता और कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण है।
अज़ीम प्रेमजी की वापसी पर उठे सवाल?
जहां फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और डिविडेंड जैसे प्रस्तावों को भारी बहुमत से पास किया गया, वहीं मिस्टर अज़ीम प्रेमजी के डायरेक्टर पद पर दोबारा चुने जाने के खिलाफ 2,44,53,693 वोट पड़े। यह दिखाता है कि शेयरधारकों के एक हिस्से को बोर्ड कंपोजीशन या किसी खास डायरेक्टर की भूमिका को लेकर चिंताएं हो सकती हैं। इस विरोध को भविष्य की गवर्नेंस चर्चाओं के लिए ध्यान में रखना होगा।
आगे क्या?
अब Wipro के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिए गए हैं और घोषित इंटरिम डिविडेंड फाइनल माने जाएंगे। मिस्टर अज़ीम प्रेमजी बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर अपनी भूमिका जारी रखेंगे। इन्वेस्टर्स इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी भविष्य में डायरेक्टर की नियुक्ति पर उठाए गए सवालों पर कैसे प्रतिक्रिया देती है।
