Wipro के प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी के बायबैक प्रोग्राम में शेयर बेचने के बावजूद अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **20.58%** कर ली है। यह बायबैक से कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल में कमी आने के कारण हुआ है।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में कैसे आई तेजी?
Wipro के प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी के बायबैक प्रोग्राम के तहत 12,16,83,230 शेयर बेचे, जो कुल इक्विटी का 1.23% था। इसके बावजूद, बायबैक के कारण कंपनी की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल में कमी आने से प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 20.57% से बढ़कर 20.58% हो गई है।
बायबैक का असर
इस बायबैक प्रोग्राम से पहले Wipro की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल ₹2100.71 करोड़ थी, जो बायबैक के बाद घटकर ₹1980.71 करोड़ रह गई। इक्विटी कैपिटल में इस ₹120 करोड़ की कमी का सीधा असर प्रमोटर्स की परसेंटेज होल्डिंग पर पड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
प्रमोटर ग्रुप ने 11 जून 2026 से 17 जून 2026 के बीच यह शेयर बेचे थे। यह बायबैक मुख्य रूप से कंपनी की इक्विटी शेयर कैपिटल को कम करने के उद्देश्य से लाया गया था। यह जानकारी SEBI (SAST) रेगुलेशंस, 2011 के तहत एक रेगुलेटरी डिस्क्लोजर का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
इस फाइलिंग से निवेशकों को प्रमोटर ग्रुप की बायबैक में भागीदारी और मौजूदा शेयरहोल्डिंग पैटर्न की जानकारी मिलती है। कैपिटल में कमी आने के कारण प्रमोटर्स की प्रभावी स्वामित्व प्रतिशतता में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक भविष्य में शेयरहोल्डिंग पैटर्न और इस बायबैक एक्सरसाइज के बाद Wipro की पूंजी आवंटन रणनीतियों पर नजर रख सकते हैं।
