Wipro Share Buyback: निवेशकों को बड़ा तोहफा! ₹15,000 करोड़ का बायबैक, ₹250 प्रति शेयर पर वापस खरीदेगी कंपनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Wipro Share Buyback: निवेशकों को बड़ा तोहफा! ₹15,000 करोड़ का बायबैक, ₹250 प्रति शेयर पर वापस खरीदेगी कंपनी
Overview

आईटी दिग्गज Wipro ने अपने निवेशकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक (Share Buyback) लेकर आई है, जिसके तहत वह ₹250 प्रति शेयर के भाव पर 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी। यह कदम शेयरधारकों को फायदा पहुंचाने और कंपनी के अहम वित्तीय मेट्रिक्स को बेहतर बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

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Wipro का ₹15,000 करोड़ का बड़ा बायबैक

Wipro ₹250 प्रति शेयर के भाव पर 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी। इस बायबैक के लिए कुल राशि ₹15,000 करोड़ से ज्यादा नहीं होगी। बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून, 2026 तय की गई है, जबकि ऑफर पीरियड 11 जून, 2026 से 17 जून, 2026 तक चलेगा। कंपनी टेंडर ऑफर (Tender Offer) रूट का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें छोटे शेयरधारकों के लिए एक आरक्षित श्रेणी भी होगी।

क्यों यह फैसला अहम है?

यह बायबैक Wipro द्वारा पूंजी आवंटन (Capital Allocation) का एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसका मकसद शेयरधारकों को अतिरिक्त फंड वापस करना है। ₹250 का बायबैक मूल्य हाल के बाजार औसत से प्रीमियम पर है, जिससे भाग लेने वाले शेयरधारकों को फायदा हो सकता है। इस बायबैक से कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) और कंसॉलिडेटेड (Consolidated) दोनों आधारों पर रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) और अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में सुधार होने की भी उम्मीद है।

कंपनी की रणनीति

कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि यह बायबैक एक रणनीतिक कदम है, ताकि उन फंड्स को वापस किया जा सके जो कंपनी की सामान्य पूंजी आवश्यकताओं और भविष्य के निवेश की जरूरतों से अधिक हैं। यह ऐसे अतिरिक्त पूंजी होने पर शेयरधारकों को मूल्य वापस करने के अनुरूप है।

शेयरधारकों के लिए क्या बदलेगा?

शेयरधारकों के पास बायबैक मूल्य पर अपने शेयर पेश करने का विकल्प होगा। भाग लेने वालों के लिए, यह प्रीमियम पर अपने निवेश को भुनाने का एक तरीका है। जो शेयरधारक भाग नहीं लेंगे, उनकी कंपनी में स्वामित्व प्रतिशत (Ownership Percentage) आनुपातिक रूप से बढ़ सकती है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि बायबैक से उसकी विकास योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही डीलिस्टिंग (Delisting) होगी।

जोखिम पर एक नजर

एक महत्वपूर्ण बात टैक्सेशन (Taxation) है। नए टैक्स कानूनों के अनुसार, बायबैक को कैपिटल गेन (Capital Gain) के तौर पर देखा जाता है। इसका मतलब है कि शेयरधारकों, खासकर गैर-निवासियों (Non-Residents) को अपनी विदहोल्डिंग टैक्स देनदारी (Withholding Tax Liability) को प्रबंधित करने और किसी भी लागू लाभ का दावा करने के लिए सही दस्तावेज सुनिश्चित करने होंगे।

भविष्य के लिए क्या देखें?

निवेशकों को रिकॉर्ड डेट (5 जून, 2026) और ऑफर पीरियड (11-17 जून, 2026) पर ध्यान देना चाहिए। खासकर गैर-निवासी शेयरधारकों के लिए, टैक्स संबंधी प्रभावों की निगरानी करना और उचित दस्तावेज सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। बायबैक के बाद भविष्य की कमाई और रिटर्न रेशियो पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी नजर रखी जाएगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.