ऑडिटर की रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा
White Organic Agro Limited ने हाल ही में अपनी बोर्ड मीटिंग में ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (audited financial results) पेश किए, लेकिन इन नतीजों पर ऑडिटर की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (qualified opinion) ने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी ने बताया है कि 2020-21 फाइनेंशियल ईयर में Future Farms LLP को दिए गए ₹2.02 करोड़ के एक लोन का सही प्रोविजन (provision) नहीं किया गया था।
मुनाफे से घाटे का सफर
ऑडिटरों की आपत्ति के बाद, कंपनी के मैनेजमेंट को इस ₹2.02 करोड़ के लोन को एडजस्ट (adjust) करना पड़ा। यह एडजस्टमेंट ऐसा था कि कंपनी का पहले बताया गया ₹0.98 करोड़ (₹97.56 लाख) का मुनाफा अब ₹0.57 करोड़ (₹-57.43 लाख) के नेट लॉस (net loss) में तब्दील हो गया है। इस वजह से कंपनी की कुल संपत्ति (assets) और नेट वर्थ (net worth) में भी कमी आई है।
सिर्फ लोन ही नहीं, दूसरी गड़बड़ी भी
लोन के मुद्दे के अलावा, एक और चिंताजनक बात सामने आई है। कंपनी ने 1997-98 के फाइनेंशियल ईयर के ₹45,669 के अनपेड डिविडेंड (unpaid dividends) को इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में ट्रांसफर नहीं किया था। यह एक गंभीर कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) का मामला है।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
White Organic Agro का मैनेजमेंट इस बात पर अड़ा हुआ है कि Future Farms LLP को दिया गया लोन वसूल किया जा सकता है और इसके लिए वे एक्सपर्ट की सलाह ले रहे हैं। वहीं, IEPF के मामले पर मैनेजमेंट का कहना है कि पुराने मैनेजमेंट के दौरान रिकॉर्ड खो जाने के कारण यह गलती हुई, लेकिन अब सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि कंपनी Future Farms LLP के लोन की रिकवरी के लिए क्या कदम उठाती है और IEPF के मामले में रेगुलेटरी बॉडी (regulatory body) से क्या प्रतिक्रिया आती है। कंपनी के अगले फाइनेंशियल डिस्क्लोजर (financial disclosures) इन मुद्दों पर ज्यादा स्पष्टता देंगे।
