Vishal Fabrics Ltd के लिए टैक्स डिपार्टमेंट से अच्छी खबर आई है। कंपनी का ₹24.27 करोड़ का GST डिमांड सेटल हो गया है और फाइनल आर्डर में लायबिलिटी (Liability) को जीरो कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि इससे उस पर कोई खास फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact) नहीं पड़ेगा।
टैक्स विवाद का सुखद अंत!
Vishal Fabrics Ltd ने अपने लंबे चले आ रहे टैक्स डिस्प्यूट (Tax Dispute) में जीत हासिल कर ली है। अहमदाबाद स्थित सेंट्रल GST के कमिश्नर (अपील्स) के ऑफिस ने एक फाइनल आर्डर जारी किया है, जिसमें कंपनी पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की डिमांड को जीरो बताया गया है।
क्या हुआ?
कंपनी पर पहले GST पेनल्टी की डिमांड ₹24.27 करोड़ की थी। लेकिन, अपील के बाद कमिश्नर (अपील्स) ने फैसला सुनाया है कि कंपनी की असल GST लायबिलिटी ₹0 है। इससे यह पुराना विवाद अब खत्म हो गया है।
क्यों है यह अहम?
इस फैसले से कंपनी पर पहले से चल रही ₹24.27 करोड़ तक की आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) खत्म हो गई है। यह पहले निवेशकों के लिए अनिश्चितता का कारण बनी हुई थी। अब जीरो लायबिलिटी के इस आर्डर से कंपनी को फाइनेंशियल क्लैरिटी (Financial Clarity) मिली है और उसके संसाधनों पर पड़ने वाले बड़े बोझ का खतरा टल गया है।
पूरी कहानी
कंपनी की फाइल्स के मुताबिक, शुरुआत में GST पेनल्टी की डिमांड ₹24.27 करोड़ (₹2,426.75 लाख) थी, जो 31 दिसंबर 2025 तक की थी। बाद में इसमें सुधार करके ₹21.36 करोड़ (₹2,135.66 लाख) की डिमांड की गई थी। लेकिन, 6 जुलाई 2026 के लेटेस्ट फाइनल आर्डर ने इसे घटाकर शून्य कर दिया है।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
Vishal Fabrics Ltd ने बताया है कि कानून और लीगल एडवाइस (Legal Advice) के आधार पर, इस फाइनल आर्डर का कंपनी पर कोई खास फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact) नहीं होगा। मैनेजमेंट इस मामले को पूरी तरह से निपटा हुआ मानता है।
