Vinny Overseas को कस्टम विभाग, मुंद्रा पोर्ट से एक 'शो कॉज़ नोटिस' (Show Cause Notice) मिला है। कंपनी पर आयात (imports) में जानबूझकर गलत घोषणा (willful mis-declaration) और गलत वर्गीकरण (mis-classification) का आरोप है। इस नोटिस में ₹13.14 करोड़ की एसेसिबल वैल्यू (assessable value) और ₹1.14 करोड़ की कस्टम ड्यूटी (customs duty) शामिल है। कंपनी को उम्मीद है कि इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
कस्टम विभाग ने Vinny Overseas को भेजा नोटिस
Vinny Overseas Limited को कस्टम कमिश्नर, मुंद्रा पोर्ट की ओर से एक 'शो कॉज़ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया गया है। यह नोटिस 18 अगस्त, 2026 को भेजा गया है, जिसमें कंपनी पर इंपोर्ट किए गए ट्रांसफर/सब्लिमेशन पेपर (Transfer/Sublimation Paper) की जानबूझकर गलत घोषणा (willful mis-declaration) और गलत वर्गीकरण (mis-classification) करने का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कस्टम अधिकारियों का दावा है कि कंपनी ने कम IGST (12% के बजाय 18%) और 30% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) छूट का लाभ उठाने के लिए अपने आयात (imports) की गलत जानकारी दी। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो कंपनी पर जुर्माना लग सकता है और बढ़ी हुई ड्यूटी चुकानी पड़ सकती है।
कब से चल रहा है विवाद?
यह कथित उल्लंघन 6 जुलाई, 2023 से 4 नवंबर, 2024 के बीच हुआ है। यह नोटिस कस्टम एक्ट, 1962 की विभिन्न धाराओं, जिसमें धारा 28(4) भी शामिल है, के तहत जारी किया गया है।
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी फिलहाल इस नोटिस की समीक्षा कर रही है और तय समय-सीमा के अंदर इसका जवाब देने की उम्मीद है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि इस समय उन्हें कंपनी की वित्तीय (financial) या परिचालन (operational) गतिविधियों पर किसी बड़े प्रभाव की आशंका नहीं है।
आगे क्या हो सकता है?
- लंबी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने का जोखिम।
- अगर ब्याज और जुर्माना जोड़ा जाता है, तो ₹1.14 करोड़ से अधिक की वित्तीय देनदारी का खतरा।
- भविष्य में आयात प्रक्रियाओं या वर्गीकरण रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।
