Vikram Solar लिमिटेड को NCLT कोलकाता ने कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में डाल दिया है। कंपनी के निलंबित निदेशक ने NCLAT में अपील की है, जिसकी सुनवाई 24 जून को होनी है।
विक्रम सोलर लिमिटेड कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) कोलकाता बेंच ने 12 जून 2026 को विक्रम सोलर लिमिटेड को कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में डाल दिया है। यह फैसला एम/एस इस्त्वा स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका के बाद आया है। इसके चलते, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को निलंबित कर दिया गया है और सुश्री तृप्ति अग्रवाल को अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) नियुक्त किया गया है।
क्या हुआ?
NCLT कोलकाता ने इस्त्वा स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर विक्रम सोलर लिमिटेड को CIRP में स्वीकार कर लिया है। इस कदम से कंपनी के मैनेजमेंट और बोर्ड का निलंबन हो गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है क्योंकि अब कंपनी का संचालन एक IRP की देखरेख में होगा। NCLAT में होने वाली अपील का नतीजा कंपनी और उसके शेयरधारकों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
पृष्ठभूमि
एम/एस इस्त्वा स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड ने दिवालियापन और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 9 के तहत एक याचिका दायर की थी, जिसके बाद NCLT ने यह निर्णय लिया। 21 जून 2026 को लेनदारों से दावे प्रस्तुत करने के लिए एक सार्वजनिक घोषणा भी जारी की गई थी।
अब क्या बदलेगा?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को निलंबित कर दिया गया है, और IRP, सुश्री तृप्ति अग्रवाल, अब समाधान प्रक्रिया के दौरान कंपनी के मामलों का प्रबंधन करेंगी।
जोखिम
मुख्य जोखिमों में दिवालियापन प्रक्रिया के कारण शेयरधारकों के लिए मूल्य में कमी की संभावना और 24 जून 2026 को निर्धारित NCLAT अपील के महत्वपूर्ण परिणाम शामिल हैं।
आगे क्या देखें
निवेशकों को 24 जून 2026 को होने वाली NCLAT सुनवाई की कार्यवाही और उसके परिणाम पर closely नजर रखनी चाहिए, जो कंपनी के तत्काल भविष्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा।
