Viji Finance पर BSE और NSE का ₹2.7 लाख का संयुक्त जुर्माना
BSE और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने Viji Finance Ltd पर बोर्ड संरचना से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के चलते अलग-अलग ₹1.357 लाख का जुर्माना लगाया है। दोनों एक्सचेंजों ने कंपनी पर SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशन, 2015 की रेगुलेशन 17(1) का पालन न करने का आरोप लगाया है।
क्यों लगाया गया जुर्माना?
यह जुर्माना SEBI के उन नियमों के तहत लगाया गया है जो टॉप लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में निदेशकों की न्यूनतम संख्या से संबंधित हैं। रेगुलेशन 17(1) के अनुसार, टॉप 2000 लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में कम से कम छह निदेशक होने अनिवार्य हैं।
कंपनी का पक्ष क्या है?
Viji Finance इस जुर्माने को चुनौती दे रही है। कंपनी का तर्क है कि यह नियम उन पर लागू ही नहीं होता, क्योंकि वे टॉप 2000 लिस्टेड एंटिटीज की श्रेणी में नहीं आती हैं। कंपनी ने इस संबंध में BSE और NSE दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए रिप्रेजेंटेशन (अभ्यावेदन) भेजे हैं।
आगे क्या होगा?
अब यह देखना होगा कि एक्सचेंज कंपनी के तर्कों को कितना स्वीकार करते हैं। इस विवाद का नतीजा यह तय करेगा कि क्या कंपनी को यह जुर्माना भरना होगा या फिर नियमों की गैर-लागू होने की दलील मानी जाएगी। यह मामला कंपनी के लिए थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है, खासकर अगर यह किसी बड़े जांच का रूप ले लेता है।
