VCU Data Management Ltd के सेक्रेटेरियल ऑडिटर Ankur Gandhi & Associates ने 28 सितंबर, 2026 से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इसे पेशेवर व्यस्तता बताया है, लेकिन ऑडिटर ने स्पष्ट रूप से ऑडिट के लिए जरूरी डेटा न मिलने की बात कही है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
डेटा में कमी का हवाला देकर छोड़ा पद
VCU Data Management Ltd के लिए यह घटनाक्रम काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। Ankur Gandhi & Associates ने अपना इस्तीफा 28 सितंबर, 2026 को प्रभावी किया है, जबकि उनका कार्यकाल 2029-30 फाइनेंशियल ईयर तक निर्धारित था।
कंपनी और ऑडिटर के बयानों में टकराव
गड़बड़ी तब सामने आई जब कंपनी ने इस्तीफे का कारण ऑडिटर की 'प्रोफेशनल प्री-ऑक्यूपेशन' (काम की व्यस्तता) बताया, जबकि ऑडिटर ने अपने लेटर में साफ लिखा कि उन्हें ऑडिट के लिए जरूरी डेटा उपलब्ध नहीं कराया गया। मैनेजमेंट और ऑडिटर के बीच बयानों का यह विरोधाभास कंपनी के अंदरूनी कामकाज और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल कंपनी के पास कोई सेक्रेटेरियल ऑडिटर नहीं है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपना अगला ऑडिटर कब चुनती है। क्या नया ऑडिटर डेटा के उस बैकलॉग को क्लियर कर पाएगा, या समस्याएं बनी रहेंगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
मुख्य जोखिम अनुपालन (Compliance) को लेकर है। यदि समय पर ऑडिट डेटा नहीं मिलता है, तो कंपनी को रेगुलेटरी स्क्रूटनी का सामना करना पड़ सकता है और जरूरी एनुअल फाइलिंग में देरी हो सकती है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से नए ऑडिटर की नियुक्ति और स्पष्टीकरण का इंतजार करना चाहिए।
आने वाले समय में BSE की फाइलिंग पर नजर बनाए रखें, क्योंकि वहां से ही यह स्पष्ट होगा कि यह एक छोटा सा ट्रांजिशन है या कंपनी में किसी बड़ी गवर्नेंस कमजोरी की शुरुआत।
