Unisem Agritech के मुनाफे में 23% का उछाल, पर ऑडिटर की 'Qualified Opinion' ने बढ़ाई चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Unisem Agritech के मुनाफे में 23% का उछाल, पर ऑडिटर की 'Qualified Opinion' ने बढ़ाई चिंता
Overview

Unisem Agritech के बोर्ड ने FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दे दी है, जिसमें मुनाफे में **23%** की बढ़कर **₹5.30 करोड़** तक पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि, कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर्स ने MSME को देरी से भुगतान पर ब्याज का प्रावधान न करने को लेकर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं। इस दौरान कुछ अहम नियुक्तियां भी मंजूर की गईं।

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Unisem Agritech के FY26 नतीजे: मुनाफे में 23% की बढ़ोतरी, पर ऑडिट रिपोर्ट ने उठाए सवाल

Unisem Agritech ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹529.65 लाख (₹5.30 करोड़) का टैक्स के बाद मुनाफा (Profit After Tax) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹427.41 लाख (₹4.27 करोड़) की तुलना में 23% ज्यादा है।

क्या हुआ?

Unisem Agritech Limited के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दे दी है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) FY26 में ₹8,103.38 लाख (₹81.03 करोड़) रहा, जो FY25 के ₹6,907.75 लाख (₹69.08 करोड़) से ज्यादा है।

क्यों यह अहम है?

जहां कंपनी ने मुनाफे में मजबूत ग्रोथ दिखाई है, वहीं कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर, M/s SKSVM & Co. ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। यह क्वालिफिकेशन MSME एक्ट के तहत जरूरी MSME को की गई देरी से भुगतान पर ब्याज देनदारी का प्रावधान न करने की वजह से है। इससे यह संकेत मिलता है कि अगर ब्याज देय पाया गया, तो भविष्य में संभावित वित्तीय असर पड़ सकता है।

बैकस्टोरी

31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, Unisem Agritech ने ₹6,907.75 लाख का रेवेन्यू और ₹427.41 लाख का टैक्स के बाद मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक अपने IPO से मिले पैसों में से ₹2,145.00 लाख का इस्तेमाल भी किया है।

अहम नियुक्तियां मंजूर

बोर्ड ने FY 2026-27 के लिए M/s Neelakari Mahindrakar Associates को इंटरनल ऑडिटर के तौर पर नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। श्री M V Bhat को शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन पांच साल के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, श्री विजय मालगट्टे, VP – बिजनेस स्ट्रैटेजी, की सेवाएं रिटायरमेंट के बाद पांच साल के लिए बढ़ाई गई हैं।

जोखिमों पर नज़र

मुख्य जोखिम ऑडिटर द्वारा MSME को देरी से भुगतान पर ब्याज का प्रावधान न करने को लेकर जारी 'क्वालिफाइड ओपिनियन' है। मैनेजमेंट वर्तमान में वेंडर कन्फर्मेशन को सुलझाने और संबंधित ब्याज के असर का आकलन कर रहा है।

अगले कदम

निवेशकों को MSME वेंडर कन्फर्मेशन को सुलझाने और ब्याज देनदारियों को लेकर ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने में कंपनी के प्रयासों पर करीब से नजर रखनी चाहिए। 11 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के नतीजे भी अहम होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.