U.P. Hotels Limited ने BSE से अपने स्वैच्छिक डीलिस्टिंग (Voluntary Delisting) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। कंपनी SEBI से समय सीमा में छूट के लिए आवेदन करने की तैयारी में है।
डीलिस्टिंग को लेकर कंपनी का नया कदम
U.P. Hotels Limited के बोर्ड ने अपनी स्वैच्छिक डीलिस्टिंग प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कंपनी अब शेयरधारकों से स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolution) के माध्यम से अपनी सहमति जुटा रही है। यह कवायद मुख्य रूप से SEBI द्वारा 3 दिसंबर, 2024 को जारी किए गए दिशानिर्देशों के तहत अनुपालन की समय सीमा बढ़ाने के लिए की जा रही है।
वोटिंग प्रक्रिया और जरूरी तारीखें
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, कंपनी ने प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी मिस्टर दीपक बंसल को आधिकारिक स्क्रूटनीज़र नियुक्त किया है। शेयरधारकों के लिए 11 सितंबर, 2026 को कट-ऑफ तारीख (Cut-off date) के रूप में तय किया गया है। जो निवेशक इस तारीख को कंपनी के शेयरधारक होंगे, केवल वे ही इलेक्ट्रॉनिक रूप से वोट डाल सकेंगे।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों के मतदान का परिणाम ही यह तय करेगा कि क्या कंपनी समय सीमा बढ़ाने के लिए नियामक के पास मजबूती से अपना पक्ष रख पाएगी या नहीं। निवेशकों को अब आधिकारिक पोस्टल बैलेट नोटिस और वोटिंग नतीजों का इंतजार करना चाहिए। यह पूरी प्रक्रिया कंपनी के डीलिस्टिंग रोडमैप के लिए काफी अहम है, क्योंकि SEBI की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि एक्सचेंज से शेयर हटाने की अंतिम समय सीमा क्या होगी।
