Trinity Tradelink के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) के आदेश के बाद कंपनी 2018 में सस्पेंड होने के बाद BSE पर दोबारा लिस्ट होने जा रही है। कंपनी ने हालिया नतीजों में शून्य रेवेन्यू और मामूली नेट लॉस दर्ज किया है।
Trinity Tradelink की BSE पर वापसी, SAT ने सुनाया फैसला
Trinity Tradelink लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी को सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) के आदेश के बाद स्टॉक एक्सचेंज BSE पर फिर से लिस्ट करने की मंजूरी मिल गई है। BSE ने 3 मई, 2018 से Trinity Tradelink के शेयरों का ट्रेड सस्पेंड कर दिया था।
तिमाही नतीजे: शून्य रेवेन्यू, मामूली घाटा
कंपनी ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इस अवधि में Trinity Tradelink का रेवेन्यू शून्य (Nil) रहा, जबकि ₹0.01 करोड़ का मामूली नेट लॉस दर्ज किया गया। पिछले क्वार्टर में यह लॉस ₹0.53 करोड़ था, और पिछले साल की इसी तिमाही में भी ₹0.01 करोड़ का ही लॉस था।
आगे क्या?
SAT के 14 जुलाई, 2026 के आदेश के बाद, Trinity Tradelink अब BSE पर ट्रेडिंग के लिए तैयार है। कंपनी ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। वोटिंग के लिए 22 सितंबर, 2026 की कट-ऑफ डेट तय की गई है, और शेयर ट्रांसफर बुक्स 23 से 29 सितंबर, 2026 तक बंद रहेंगे।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
हालांकि रिलिस्टिंग एक बड़ी राहत है, लेकिन कंपनी का शून्य रेवेन्यू निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यह सवाल बना हुआ है कि कंपनी भविष्य में अपनी ऑपरेशंस को कैसे पुनर्जीवित करेगी और आय कैसे उत्पन्न करेगी।
