Tijaria Polypipes लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उनके वैधानिक ऑडिटर, मेसर्स अमित रमाकांत एंड कंपनी (M/s. AMIT RAMAKANT & CO.) ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 20 जून 2026 से प्रभावी होगा, जिसका मुख्य कारण अन्य असाइनमेंट में व्यस्तता बताई गई है।
Tijaria Polypipes में बड़ा बदलाव!
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि मेसर्स अमित रमाकांत एंड कंपनी (M/s. AMIT RAMAKANT & CO.) ने वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 20 जून 2026 से लागू होगा।
क्यों हुआ इस्तीफा?
ऑडिटर फर्म ने इस्तीफे का कारण 'अन्य असाइनमेंट्स में व्यस्तता' बताया है। अच्छी खबर यह है कि ऑडिटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनी के मैनेजमेंट की तरफ से कोई जानकारी छिपाने या किसी अन्य बड़ी चिंता का मामला नहीं है, जिसके कारण यह इस्तीफा दिया गया हो।
क्या थे ऑडिटर्स के अधिकार?
यह फर्म 18 जून 2025 को Tijaria Polypipes की वैधानिक ऑडिटर नियुक्त की गई थी और इनका कार्यकाल 31 मार्च 2030 तक चलना था। लेकिन, अब यह इस्तीफा 20 जून 2026 से प्रभावी हो जाएगा, यानी कार्यकाल पूरा होने से काफी पहले।
आगे क्या होगा?
ऑडिटर के इस्तीफे के बाद, कंपनी अब SEBI के नियमों के अनुसार एक नए वैधानिक ऑडिटर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगी। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी किसे नया ऑडिटर बनाती है और ऑडिट की जिम्मेदारियां कितनी सुचारू रूप से सौंपी जाती हैं।
अहम रिपोर्टें पहले ही हुईं साइन
यह भी महत्वपूर्ण है कि ऑडिटर फर्म ने इस्तीफा देने से पहले हाल ही में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) और चौथी तिमाही (Q4 FY26) की रिपोर्ट्स पर हस्ताक्षर कर दिए थे। यह 26 मई 2026 को किया गया था। इससे यह संकेत मिलता है कि ऑडिट प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आई है।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
हालांकि अभी तक कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है, फिर भी नए ऑडिटर की नियुक्ति में किसी भी तरह की देरी या प्रक्रिया में बाधा कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली घोषणाओं पर पैनी नज़र रखें।
