TeleCanor Global Ltd ने अपने स्टैच्युटरी ऑडिटर, M/s K.K. Goel & Co. को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी का आरोप है कि ऑडिटर के असहयोग के कारण जरूरी अनुपालन (compliances) में देरी हो रही है, जिसकी वजह से कंपनी को रोज **₹5,000** का फाइन भरना पड़ रहा है।
क्यों लिया गया यह बड़ा कदम?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने M/s K.K. Goel & Co. (FRN 005299N) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कंपनी का कहना है कि ऑडिटर द्वारा लगातार सहयोग न मिलने के कारण जरूरी फाइनेंशियल और रेगुलेटरी फाइलिंग्स पूरी नहीं हो पा रही हैं। इस स्थिति ने कंपनी के कामकाज को प्रभावित किया है और मार्च 2026 तथा जून 2026 की तिमाहियों के अनुपालन में देरी देखी गई है।
फाइन और कानूनी पेंच
अनुपालन में हुई इस देरी के चलते स्टॉक एक्सचेंज द्वारा कंपनी पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत हर दिन ₹5,000 का जुर्माना लगाया जा रहा है।
फिलहाल बोर्ड ने ऑडिटर को हटाने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। कंपनी को अब 'फॉर्म ADT-2' रीजनल डायरेक्टर के पास फाइल करना होगा। यदि वहां से मंजूरी मिलती है, तो शेयरधारकों की एक जनरल मीटिंग बुलाई जाएगी, जहां स्पेशल रेजोल्यूशन के जरिए अंतिम फैसला लिया जाएगा।
आगे की राह और रिस्क
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि कंपनी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), रीजनल डायरेक्टर और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के पास इस मामले की शिकायत दर्ज करे। निवेशकों को अब इन मुख्य बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- रीजनल डायरेक्टर की मंजूरी कब मिलती है?
- नए स्टैच्युटरी ऑडिटर की नियुक्ति कब होगी?
- लंबित फाइनेंशियल फाइलिंग्स का काम कब पूरा होगा?
- एक्सचेंज द्वारा लगाए गए जुर्माने का निपटारा कैसे होगा?
