TeleCanor Global Ltd ने अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया में हो रही लंबी देरी को लेकर BSE के सामने सख्त रुख अपनाया है। कंपनी का कहना है कि तमाम जवाब देने और मीटिंग्स के बावजूद लिस्टिंग अटकी हुई है और बार-बार एक ही तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं।
लिस्टिंग में फंसा पेंच
TeleCanor Global Ltd ने अपनी कॉर्पोरेट कार्रवाई के बाद लिस्टिंग एप्लीकेशन को लेकर पैदा हुए गतिरोध के खिलाफ आवाज उठाई है। कंपनी ने रेगुलेशन 30 के तहत आधिकारिक तौर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। मैनेजमेंट के मुताबिक, उन्होंने एक्सचेंज के साथ कई दौर की चर्चा की है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
बार-बार पूछे जा रहे सवाल
कंपनी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जून 2026 में BSE से आए क्वेरी के सवाल काफी हद तक जनवरी 2026 में पूछे गए सवालों जैसे ही थे। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में तुरंत दखल देने की मांग की है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस मामले के सार्वजनिक होने का मतलब है कि कंपनी और एक्सचेंज के बीच बातचीत का दौर अब सार्वजनिक दबाव की तरफ बढ़ गया है। निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि जब तक लिस्टिंग पूरी नहीं होती, तब तक इन शेयर्स की लिक्विडिटी और स्टेटस को लेकर स्पष्टता का अभाव बना रहेगा। अब मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि BSE की ओर से इसका क्या जवाब आता है।
