Tandhan Industries: गवर्नेंस पर उठे सवाल! सब्सिडियरी में हुए ट्रांजैक्शन पर रिपोर्ट में खुलासा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Tandhan Industries: गवर्नेंस पर उठे सवाल! सब्सिडियरी में हुए ट्रांजैक्शन पर रिपोर्ट में खुलासा

Tandhan Industries की सब्सिडियरी में हुए रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन को लेकर कंपनी की मॉनिटरिंग एजेंसी ने चिंता जताई है। हालांकि, यह कन्फर्म हुआ है कि फंड का इस्तेमाल सही जगह पर हुआ है।

Tandhan Industries की रिपोर्ट में गवर्नेंस का मुद्दा

Tandhan Industries की 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही की मॉनिटरिंग रिपोर्ट में एक गवर्नेंस संबंधी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट, जो Infomerics Valuation and Rating Limited द्वारा तैयार की गई है, यह कन्फर्म करती है कि प्रीफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) से जुटाए गए ₹126.76 करोड़ का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के अनुसार ही हुआ है।

सब्सिडियरी में क्या हुआ?

लेकिन, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी की सब्सिडियरी Tandhan Polyplast Ltd में ₹14.92 करोड़ के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transactions - RPTs) के लिए लिस्टेड कंपनी Tandhan Industries से शेयरहोल्डर्स की मंजूरी नहीं ली गई थी। यह कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 188 का संभावित उल्लंघन हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

Tandhan Industries (पहले Sanmitra Commercial Limited) को Infomerics Valuation and Rating Limited से Q4 FY26 के लिए मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट में प्रीफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए ₹126.76 करोड़ के फंड के इस्तेमाल की जानकारी दी गई है।

क्यों है यह ज़रूरी?

एजेंसी ने पुष्टि की है कि कंपनी ने यह पैसा सब्सिडियरी Tandhan Polyplast Ltd में CAPEX, कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया है, जो कि ऑफर डॉक्यूमेंट के उद्देश्यों के अनुरूप है। हालांकि, रिपोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 188 के तहत रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (RPTs) को लेकर संभावित नॉन-कम्प्लायंस (Non-compliance) का भी जिक्र है। यह मामला सब्सिडियरी स्तर पर हुआ, जहां शेयरहोल्डर की मंजूरी केवल सब्सिडियरी स्तर पर ली गई, पैरेंट कंपनी स्तर पर नहीं।

आगे क्या?

निवेशक अब Tandhan Industries से रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन पर आई इस टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण का इंतजार करेंगे। कंपनी को या तो कम्प्लायंस सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे या अपने मौजूदा RPT अप्रूवल प्रक्रिया के लिए तर्क देना होगा।

जोखिम क्या हैं?

मुख्य जोखिम कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 188 के तहत रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन से संबंधित संभावित नॉन-कम्प्लायंस का है। इससे कंपनी को रेगुलेटरी जांच का सामना करना पड़ सकता है या सुधारात्मक कार्रवाई करनी पड़ सकती है।

क्या हैं मुख्य आंकड़े?

  • कुल इश्यू साइज: ₹126.76 करोड़
  • सब्सिडियरी द्वारा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Q3FY26): ₹14.92 करोड़
  • रिपोर्ट की अवधि: 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही
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