रिवाइवल फेज में ₹2.7 करोड़ का नुकसान
Talwalkars Better Value Fitness Ltd ने 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए स्टैंडअलोन नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹2.70 करोड़ (₹269.85 लाख) का नेट लॉस दर्ज किया है। यह पिछली तिमाही के ₹5.71 करोड़ के नुकसान से एक बड़ी गिरावट है।
खास बात यह है कि इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा। तिमाही के लिए कुल खर्चे ₹2.70 करोड़ थे, जो कि पूरी तरह से डेप्रिसिएशन (Depreciation) और एमोर्टाइजेशन (Amortization) एक्सपेंसेस के कारण थे, क्योंकि कंपनी की तरफ से कोई ऑपरेशनल खर्च नहीं हुआ।
क्यों अहम है यह रिजल्ट?
यह नतीजे कंपनी के CIRP (कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस) पूरा होने और गोइंग कंसर्न (Going Concern) के तौर पर अधिग्रहण के बाद के रिवाइवल फेज को दर्शाते हैं। फिलहाल, कंपनी की स्थिति काफी निष्क्रिय है। शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ी खबर कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग और रेगुलेटरी मंजूरी पर टिकी हुई है, जो कंपनी को दोबारा ऑपरेशन शुरू करने और ट्रेडिंग फिर से शुरू करने के लिए ज़रूरी हैं।
NCLT से मिली राहत, पर आगे का रास्ता मुश्किल
NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के 26 फरवरी, 2026 के एक अहम ऑर्डर के बाद बोर्ड का पुनर्गठन हुआ है। इसमें प्री-ट्रांसफर देनदारियों को खत्म किया गया, IBC की धारा 32A के तहत इम्यूनिटी मिली और मौजूदा इक्विटी को रद्द करके कैपिटल रिडक्शन किया गया। इस ऑर्डर के तहत 1,00,00,000 नए इक्विटी शेयर जारी किए जा सकते हैं।
SEBI की मंजूरी पर टिकी निगाहें
हालांकि, कंपनी की गोइंग कंसर्न स्थिति और BSE व NSE पर ट्रेडिंग का फिर से शुरू होना, अभी भी पेंडिंग SEBI अप्रूवल और रेगुलेटरी कंप्लायंस पर निर्भर करता है। मौजूदा शेयरधारकों की इक्विटी बिना किसी भुगतान के रद्द कर दी गई है।
मुख्य जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम रेगुलेटरी और SEBI अप्रूवल पर निर्भरता है। जब तक ये मंजूरियां नहीं मिल जातीं, तब तक कंपनी की ट्रेडिंग सस्पेंडेड रहेगी और उसकी गोइंग कंसर्न स्थिति सशर्त बनी रहेगी।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को SEBI अप्रूवल, BSE और NSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन हटने और किसी भी अन्य रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। ट्रेडिंग का फिर से शुरू होना और ऑपरेशनल एक्टिविटीज की शुरुआत कंपनी के रिवाइवल के प्रमुख संकेत होंगे।
