रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन के चलते SEBI ने Swastika Investmart पर **₹10 लाख** का जुर्माना लगाया है। कंपनी के मर्चेंट बैंकिंग डिवीजन में कुछ खामियां पाई गई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
जुर्माने की मुख्य वजह
बाजार नियामक SEBI ने Swastika Investmart के मर्चेंट बैंकिंग ऑपरेशन्स की जांच के बाद यह आदेश जारी किया है। यह जांच अप्रैल 2023 से मार्च 2025 के दौरान कंपनी द्वारा किए गए SME IPO और टेकओवर ऑफर से जुड़ी थी। जांच में इन सेगमेंट में कुछ नियमों के पालन में चूक (Non-compliance) पाई गई, जिसके तहत SEBI एक्ट, 1992 की धारा 15HB के तहत यह पेनल्टी लगाई गई है। कंपनी को यह आदेश 4 नवंबर 2026 को जारी किया गया था।
कंपनी का अगला कदम
Swastika Investmart ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को सुलझाने के लिए SEBI के समक्ष सेटलमेंट एप्लीकेशन दाखिल करेगी। मैनेजमेंट का कहना है कि जुर्माने की ₹10 लाख की राशि ही उनकी कुल देनदारी है और इसका कंपनी के दैनिक ऑपरेशन्स या फाइनेंशियल हेल्थ पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए संकेत
शेयरधारकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि SEBI कंपनी की सेटलमेंट एप्लीकेशन को कब स्वीकार करता है। हालांकि कंपनी ने आश्वासन दिया है कि कामकाज सामान्य है, लेकिन मर्चेंट बैंकिंग डिवीजन में सामने आई ये खामियां निवेशकों को कंपनी की भविष्य की कंप्लायंस (Compliance) रिपोर्टों पर नजर रखने के लिए मजबूर करती हैं।
