Surat Trade and Mercantile Ltd 10 अगस्त 2026 को एक असाधारण आम बैठक (EGM) आयोजित कर रही है। इसका मुख्य एजेंडा संबंधित पार्टी लेनदेन (RPTs) को मंजूरी देना है, जो **₹8.16 करोड़** से अधिक हो गए हैं। कंपनी अपनी निवेश सीमा बढ़ाने और एक निदेशक को फिर से नियुक्त करने की भी योजना बना रही है।
सूरत ट्रेड एंड मर्केंटाइल लिमिटेड की EGM: क्या हैं मुख्य मुद्दे?
Surat Trade and Mercantile Ltd 10 अगस्त 2026 को शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण असाधारण आम बैठक (EGM) बुला रही है। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर वोटिंग होगी, जिसमें सबसे प्रमुख है ₹8.16 करोड़ के संबंधित पार्टी लेनदेन (RPTs) को मंजूरी देना। ये लेनदेन कंपनी के निर्धारित टर्नओवर के 10% के मटेरियलटी थ्रेशोल्ड को पार कर गए थे।
कंपनी ने बताया कि यह अनजाने में हुई चूक थी, क्योंकि ये सभी लेनदेन सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों के तहत और निष्पक्ष आधार पर किए गए थे। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में मैनेजिंग डायरेक्टर, मिस्टर आलोक पी. शाह के साथ हुए कुल RPTs का आंकड़ा ₹8.16 करोड़ (यानी ₹816.05 लाख) बताया है। जबकि, फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का समेकित टर्नओवर ₹70.90 करोड़ था, जिसका 10% यानी ₹7.09 करोड़ (या ₹709.004 लाख) मटेरियलटी थ्रेशोल्ड था।
निवेशकों के लिए क्यों है यह खास?
यह EGM निवेशकों के लिए काफी मायने रखती है। पहला, यह कंपनी के अनुपालन (compliance) में हुई एक कमी को दूर करने का प्रयास है। शेयरधारकों की मंजूरी के बिना RPTs को स्वीकार करवाना SEBI के नियमों के अनुसार महत्वपूर्ण है। दूसरा, कंपनी अपनी निवेश सीमा को सेक्शन 186 के तहत ₹250 करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी लाएगी। यह भविष्य में कंपनी की पूंजी निवेश योजनाओं की ओर इशारा करता है। तीसरा, एक होल-टाइम डायरेक्टर की पुनर्नियुक्ति नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करेगी।
बैकस्टोरी: कलाकृतियों की बिक्री से हुआ था RPT?
सूत्रों के अनुसार, ये RPTs मुख्य रूप से तीन कलाकृतियों और आर्टिफैक्ट्स की बिक्री से जुड़े थे, जिनका मूल्य ₹8.11 करोड़ था। इन पर ₹3.02 करोड़ की बुक वैल्यू पर ₹5.09 करोड़ का मुनाफा कमाया गया था। कंपनी का कहना है कि यह बिक्री लिक्विडिटी की जरूरतें पूरी करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए की गई थी, और पारंपरिक नीलामी की तुलना में इसमें लागत बचत भी हुई।
आगे क्या होगा?
अगर शेयरधारक प्रस्तावों को मंजूरी देते हैं, तो RPTs की यह अनजाने में हुई अनदेखी को मंजूरी मिल जाएगी। कंपनी को निवेश, ऋण और गारंटी के लिए ₹250 करोड़ तक की अधिक लचीलापन मिलेगा। इसके साथ ही, मिस्टर सुहैल पी. शाह की 5 साल की अवधि के लिए, 1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली पुनर्नियुक्ति की पुष्टि हो जाएगी।
जोखिमों पर नजर
मुख्य जोखिम यह है कि अगर शेयरधारक RPTs को मंजूरी नहीं देते हैं, तो यह कंपनी के गवर्नेंस पर सवाल उठा सकता है। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि ₹250 करोड़ के निवेश का इस्तेमाल कंपनी के हित में और शेयरधारक मूल्य बढ़ाने के लिए कैसे किया जाता है।
