क्या है पूरा मामला?
String Metaverse ने बताया है कि कंपनी के दो 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' ने SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 का उल्लंघन किया है। इन दोनों कर्मचारियों ने कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री 'कॉन्ट्रा ट्रेड' के तहत की है, यानी उन्होंने छह महीने की अवधि के भीतर शेयर्स खरीदे और बेचे।
एक कर्मचारी ने ₹20,27,525.50 की खरीद की और ₹20,38,732.05 की बिक्री की। वहीं, दूसरे कर्मचारी के ट्रेड ₹226.10 (खरीद) और ₹215.00 (बिक्री) के रहे। कंपनी के अनुसार, यह 'कॉन्ट्रा ट्रेड' उसके कोड ऑफ कंडक्ट और SEBI के नियमों के खिलाफ है।
कंपनी की कार्रवाई
String Metaverse ने इन कर्मचारियों को सलाह पत्र (advice letter) और कारण बताओ नोटिस (show cause notice) जारी कर दिया है। इस पूरे मामले को अब कंपनी की ऑडिट कमेटी को सौंप दिया गया है, जो इसकी समीक्षा करेगी। यह कंपनी द्वारा कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है।
क्यों है यह अहम?
इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले शेयर बाजार की निष्पक्षता और निवेशकों के भरोसे को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं। SEBI के नियम ऐसे लोगों को अनुचित लाभ उठाने से रोकने के लिए बनाए गए हैं, जिनके पास कंपनी की अंदरूनी, प्राइस-सेंसिटिव जानकारी होती है। छह महीने के भीतर 'कॉन्ट्रा ट्रेड' करना SEBI के नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है, जिस पर भारी जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
String Metaverse Limited, जिसे पहले Bio Green Papers Limited के नाम से जाना जाता था, 1994 में स्थापित हुई थी। कंपनी ने हाल ही में पेपर मैन्युफैक्चरिंग से हटकर टेक्नोलॉजी, वेब 3.0, ऑनलाइन गेमिंग, ब्लॉकचेन और फिनटेक सॉल्यूशंस पर फोकस किया है। कंपनी ने हाल ही में फिनटेक लाइसेंस भी हासिल किया है और यह राइट्स इश्यू (rights issue) लाने की भी योजना बना रही है।
आगे क्या उम्मीद करें?
- ऑडिट कमेटी की समीक्षा के नतीजे और उनकी सिफारिशें।
- कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को इस मामले में की गई कार्रवाई या SEBI के किसी निर्देश के बारे में दी जाने वाली कोई भी नई जानकारी।
- इस घटना के बाद कंपनी की आंतरिक अनुपालन नीतियों (compliance policies) में कोई बदलाव।
