Silver Touch Technologies: SEBI के नियमों के उल्लंघन पर कसे शिकंजे में, प्रमोटर्स की देरी बनी चिंता का सबब

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AuthorNeha Patil|Published at:
Silver Touch Technologies: SEBI के नियमों के उल्लंघन पर कसे शिकंजे में, प्रमोटर्स की देरी बनी चिंता का सबब
Overview

Silver Touch Technologies को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के अनुपालन में चूक के मामले में रिपोर्ट किया गया है। कंपनी के प्रमोटर्स ने समय पर ट्रांजेक्शन का खुलासा नहीं किया और डिजिटल डेटाबेस बनाए रखने में भी खामियां पाई गईं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि कोई पेनल्टी नहीं लगी है और वह सिस्टम को मजबूत कर रही है।

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Silver Touch Technologies पर SEBI की नजर, अनुपालन में पाई गईं गंभीर खामियां

एक सीक्रेटेरियल कंप्लायंस रिपोर्ट के अनुसार, Silver Touch Technologies Limited वित्त वर्ष 2025-26 के लिए SEBI (प्रॉहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशन के कुछ प्रावधानों का पालन करने में विफल रही है। इस रिपोर्ट में प्रमोटर्स द्वारा समय पर ट्रांजेक्शन का खुलासा न करने और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) को बनाए रखने में कमी को मुख्य मुद्दा बताया गया है।

क्या हैं मुख्य मुद्दे?

रिपोर्ट में दो प्रमुख अनुपालन समस्याओं का खुलासा हुआ है:

  1. PIT डिस्क्लोजर में देरी: कंपनी के प्रमोटर्स ने SEBI (PIT) रेगुलेशन, 2015 के रेगुलेशन 7(2) के तहत कुछ ट्रांजेक्शन की जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर देने में असफल रहे।
  2. स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) में खामियां: कंपनी के SDD को बनाए रखने में भी चूक हुई है। इसमें जरूरी घटनाओं का अधूरा रिकॉर्ड और ऑडिट ट्रेल का न होना शामिल है, जो अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (UPSI) को मैनेज करने के आंतरिक नियंत्रणों में कमजोरी का संकेत देता है।

निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

यह मामला कंपनी के भीतर संभावित गवर्नेंस और प्रक्रियात्मक कमजोरियों को उजागर करता है। हालांकि SEBI या स्टॉक एक्सचेंज द्वारा फिलहाल कोई वित्तीय जुर्माना या कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन इस तरह की चूकें आंतरिक नियंत्रणों और नियामक आवश्यकताओं के पालन में अंतर्निहित समस्याओं का संकेत दे सकती हैं, जो निवेशकों के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

आगे क्या?

इन निष्कर्षों के जवाब में, कंपनी ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। प्रमोटर्स को दो वर्किंग दिनों के भीतर अपने ट्रेड की रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है, और कंपनी आंतरिक जागरूकता प्रोटोकॉल को मजबूत कर रही है। मैनेजमेंट UPSI के प्रसार और SDD रखरखाव के लिए अपनी प्रणालियों को बेहतर बनाने पर भी काम कर रहा है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया है कि नियामकों द्वारा कोई जुर्माना या प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की गई है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.