Shree Krishna Infrastructure Ltd के निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता की खबर आई है। कंपनी के ऑडिटर ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 'Disclaimer of Opinion' यानी 'राय अस्वीकृति' जारी की है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड्स को वेरिफाई नहीं कर पाया है।
क्यों जारी हुई 'राय अस्वीकृति'?
ऑडिटर का कहना है कि कंपनी के मैनेजमेंट में हुए बदलाव (शेयरधारकों में बदलाव) के कारण वे जरूरी ऑडिट एविडेंस जुटाने में असमर्थ रहे। बैंक स्टेटमेंट्स, लोन एग्रीमेंट्स, देनदारों (receivables) और लेनदारों (payables) के कन्फर्मेशन, और बिक्री व खर्चों के बिल जैसी अहम जानकारियां वेरिफाई नहीं हो सकीं। इस वजह से, ऑडिटर कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की सटीकता पर कोई राय नहीं दे पा रहा है।
क्या है इसका मतलब?
यह स्थिति निवेशकों के लिए बेहद गंभीर है। इसका मतलब है कि कंपनी के ₹8.26 के टर्नओवर और ₹15.25 के नेट लॉस जैसे आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं। कंपनी की कुल संपत्ति ₹1991.24 बताई गई है, जो देनदारियों के बराबर है, जिससे नेट वर्थ ₹1958.57 है, लेकिन इन सबको वेरिफाई नहीं किया गया है।
यह निवेशकों के लिए एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि कंपनी की वित्तीय सेहत पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। ऑडिटर की यह सबसे गंभीर टिप्पणी है, जो बताती है कि कंपनी के रिकॉर्ड्स में पारदर्शिता की भारी कमी है।
