Shivom Investment: CIRP से बाहर आते ही कंपनी मुनाफे में! लेकिन ट्रेडिंग सस्पेंशन बड़ा सवाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Shivom Investment: CIRP से बाहर आते ही कंपनी मुनाफे में! लेकिन ट्रेडिंग सस्पेंशन बड़ा सवाल

Shivom Investment & Consultancy Ltd ने सितंबर 2025 में समाप्त हुई छमाही के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने **₹1.35 करोड़** का मुनाफा कमाया है। कंपनी CIRP के बाद सक्रिय रूप से कामकाज को फिर से शुरू कर रही है, जहां नया मैनेजमेंट एक समाधान योजना लागू कर रहा है।

कामकाज में लौटी तेजी, दर्ज किया मुनाफा

Shivom Investment & Consultancy Ltd ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही के लिए अपने अनऑडिटेड स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। इस अवधि के दौरान, कंपनी ने ₹1.70 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1.35 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया। वहीं, 30 सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में, कंपनी का PAT ₹0.56 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹0.85 करोड़ था। छमाही के लिए बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹0.21 रहा।

कंपनी ने 30 दिसंबर, 2025 को होने वाली अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) के नोटिस को भी मंजूरी दे दी है। इसमें स्टैच्युटरी ऑडिटर की नियुक्ति और कंपनी के नाम व मुख्य ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव के लिए आवेदन जैसे अहम कॉर्पोरेट एक्शन शामिल हैं।

क्यों है यह खबर अहम?

यह घोषणा Shivom Investment के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरने के बाद उसके रिवाइवल (Revival) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्तीय नतीजों की वापसी और AGM का शेड्यूल होना, कामकाज के सामान्य होने की ओर इशारा करता है। हालांकि, कंपनी के शेयर अभी भी स्टॉक एक्सचेंज पर सस्पेंडेड हैं, जो शेयरधारकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

पूरी कहानी

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 7 फरवरी, 2024 को कंपनी को CIRP में डाला था। इसके बाद 18 अगस्त, 2025 को NCLT ने समाधान योजना को मंजूरी दी। रिपोर्टों के अनुसार, नया मैनेजमेंट पर्याप्त संसाधनों के साथ इस योजना को लागू कर रहा है।

आगे क्या?

बोर्ड द्वारा वित्तीय नतीजों और कॉर्पोरेट एक्शन को मंजूरी दिए जाने से कंपनी को भविष्य में रणनीतिक कदम उठाने का रास्ता साफ हो गया है, जिसमें नाम और ऑब्जेक्ट क्लॉज में संभावित बदलाव शामिल हैं। AGM शेयरधारकों को नए मैनेजमेंट के साथ जुड़ने और रिवाइवल रणनीति पर चर्चा करने का मंच प्रदान करेगी।

जोखिम जिन पर नज़र रखें

सबसे बड़ा जोखिम कंपनी के शेयरों के ट्रेडिंग सस्पेंशन का बना रहना है। इस सस्पेंशन का कारण रेगुलेटरी उल्लंघन बताया गया है। जब तक ट्रेडिंग फिर से शुरू नहीं होती, शेयरधारकों के लिए लिक्विडिटी (Liquidity) शून्य रहेगी। रिवाइवल प्लान की सफलता नए मैनेजमेंट द्वारा उसके प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करती है।

पीयर कम्पेरिजन (Peer Comparison)

चूंकि Shivom Investment के शेयर सस्पेंडेड हैं, इसलिए हालिया ट्रेडिंग प्रदर्शन के आधार पर सीधे पीयर कम्पेरिजन करना संभव नहीं है। हालांकि, CIRP से बाहर आने वाली कंपनियों को आमतौर पर बाजार का भरोसा बहाल करने और सामान्य ट्रेडिंग ऑपरेशन फिर से शुरू करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.