Shah Metacorp Ltd ने प्रमोटरों के लिए **1 करोड़** इक्विटी शेयरों को लिस्ट करने की मंजूरी पा ली है। हालांकि, इस बीच कंपनी को NSE से एक एडवाइजरी लेटर भी मिला है, जिसमें वारंट लॉक-इन में देरी को लेकर चिंता जताई गई है।
शेयरों की लिस्टिंग और वारंट कन्वर्जन
Shah Metacorp Ltd को BSE और NSE से 1,00,00,000 इक्विटी शेयरों को लिस्ट करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। ये शेयर प्रमोटरों द्वारा वारंट कन्वर्जन के जरिए जारी किए गए हैं। इन शेयरों का फेस वैल्यू ₹1 है और इन्हें ₹4.71 प्रति शेयर के दाम (जिसमें ₹3.71 का प्रीमियम शामिल है) पर जारी किया गया है।
NSE की एडवाइजरी और मामला क्या है?
लिस्टिंग की अच्छी खबर के साथ-साथ कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण खबर भी है। NSE ने SEBI (ICDR) रेगुलेशंस, 2018 के उल्लंघन के लिए एक एडवाइजरी लेटर जारी किया है। एक्सचेंज ने गौर किया है कि जून 2025 में अलॉट किए गए 4.4 करोड़ वारंट्स पर अनिवार्य एक साल का लॉक-इन अक्टूबर 2025 में लगाया गया, जिससे 2 महीने से ज्यादा की देरी हुई। एक्सचेंज ने कंपनी को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में अधिक सतर्कता बरती जाए और इस लेटर को अगली बोर्ड मीटिंग में रखा जाए।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
कंपनी मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रियात्मक चूक का कोई बड़ा वित्तीय या ऑपरेशनल असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह घटना इंटरनल कंप्लायंस में ढिलाई की ओर इशारा करती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि बोर्ड इस चूक को कैसे ठीक करता है और भविष्य में रेगुलेटरी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।
