SecureKloud Technologies के प्रमोटर्स सुरेश वेंकटाचारी और आर एस रमानी मुश्किलों में घिर गए हैं। **₹6.45 करोड़** की बकाया पेनाल्टी न चुकाने के कारण SEBI ने उनके बैंक खातों और डीमैट होल्डिंग्स को फ्रीज करने का आदेश दिया है।
SEBI की सख्त कार्रवाई
बाजार नियामक SEBI ने रिकवरी प्रोसेस के तहत SecureKloud Technologies के प्रमोटर्स सुरेश वेंकटाचारी पर ₹3.87 करोड़ और आर एस रमानी पर ₹2.58 करोड़ की रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए हैं। रेगुलेटर ने साफ कर दिया है कि प्रमोटर्स अपनी संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश को न तो बेच सकते हैं और न ही किसी और को ट्रांसफर कर सकते हैं।
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी ने 22 अक्टूबर, 2026 को BSE को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया है कि इस घटना का कंपनी के डेली ऑपरेशन्स या फाइनेंशियल स्थिति पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, प्रमोटर्स पर इस तरह की रेगुलेटरी सख्ती निवेशकों के बीच गवर्नेंस को लेकर चिंता जरूर पैदा कर सकती है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि प्रमोटर्स इन बकाया शुल्कों को कब तक भरते हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि कंपनी की लीडरशिप स्टैबिलिटी पर यह एक बड़ा सवाल है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाली अगली BSE फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें इन रिकवरी सर्टिफिकेट्स के निपटारे की जानकारी मिल सकती है।
