Secure Kloud Technologies: प्रमोटर्स पर SEBI का एक्शन, कंपनी पर 'Going Concern' का खतरा!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Secure Kloud Technologies: प्रमोटर्स पर SEBI का एक्शन, कंपनी पर 'Going Concern' का खतरा!

Secure Kloud Technologies ने Q1 FY27 में भारी नुकसान दर्ज किया है। ऑडिटर ने कंपनी की 'Going Concern' क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं SEBI ने प्रमोटर्स को बाजार से बाहर कर दिया है।

Secure Kloud Technologies की बढ़ती मुश्किलें!

Secure Kloud Technologies लिमिटेड ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को स्टैंडअलोन आधार पर ₹2.94 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि कंसॉलिडेटेड आधार पर यह घाटा ₹1.68 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) स्टैंडअलोन ₹5.73 करोड़ और कंसॉलिडेटेड ₹13.51 करोड़ दर्ज किया गया।

ऑडिटर की गंभीर चेतावनी

कंपनी के ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' पैराग्राफ जोड़कर 'Going Concern' को लेकर एक बड़ी चिंता जताई है। इसका मतलब है कि कंपनी के पास इतने कैश लॉसेस (Cash Losses) हैं और देनदारियां (Liabilities) इतनी ज्यादा हैं कि वह भविष्य में अपना कारोबार जारी रख पाएगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। कंपनी ने तिमाही में ₹1.15 करोड़ का कैश लॉस भी दर्ज किया है। कंसॉलिडेटेड लेवल पर, कंपनी की करंट लायबिलिटीज़ (Current Liabilities) एसेट्स (Assets) से ₹32.51 करोड़ ज्यादा हैं, और स्टैंडअलोन लेवल पर यह अंतर ₹15.51 करोड़ का है।

प्रमोटर्स पर SEBI का चाबुक

इससे कंपनी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रमोटर्स, सुरेश वेंकटचारी और आर.एस. रमणी, को अगले 2 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही, दोनों पर ₹10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, यह कार्रवाई व्यक्तियों पर हुई है, कंपनी पर सीधे तौर पर नहीं।

कंपनी का क्या है प्लान?

कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि वे अगले तीन तिमाहियों (FY 2026-27) में ऑपरेशनल टर्नअराउंड (Operational Turnaround) यानी कारोबार को फिर से पटरी पर लाने की योजना बना रहे हैं, और उन्हें प्रमोटर्स का समर्थन भी हासिल है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) की स्थिति, ऑपरेशनल टर्नअराउंड को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता, ऑडिटर की 'Going Concern' वार्निंग और प्रमोटर्स पर लगे रेगुलेटरी प्रतिबंधों जैसे जोखिमों पर कड़ी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.