State Trading Corporation of India (STC) पर BSE ने **₹12.04 लाख** का जुर्माना लगाया है। यह एक्शन जून 2026 तिमाही में SEBI के लिस्टिंग नियमों (Listing Regulations) का पालन न करने के कारण लिया गया है।
गवर्नेंस में चूक का मामला
BSE ने STC पर कुल ₹12,04,780 का जुर्माना लगाया है (जिसमें 18% GST शामिल है)। यह जुर्माना मुख्य रूप से जून 2026 तिमाही के दौरान बोर्ड कंपोजिशन (Board Composition) से जुड़े नियमों के पालन में हुई कोताही के कारण लगाया गया है।
क्यों हुआ नियमों का उल्लंघन?
कंपनी बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की नियुक्ति और महिला निदेशक की कमी के चलते SEBI के रेगुलेशन 17(1) का पालन करने में विफल रही। इसके अलावा, बोर्ड मीटिंग्स की फ्रीक्वेंसी, कोरम और ऑडिट कमिटी से संबंधित नियमों (रेगुलेशन 18, 19, 20) का भी अनुपालन नहीं किया गया।
मैनेजमेंट का तर्क
STC ने एक्सचेंज से जुर्माने में छूट की अपील की है। कंपनी का पक्ष है कि वह एक PSU है और स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार पूरी तरह से 'वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय' (Ministry of Commerce & Industry) के पास है। कंपनी का कहना है कि वे इन खाली पदों को भरने के लिए सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
BSE ने भुगतान के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो एक्सचेंज प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग फ्रीज करने या स्टॉक को 'Z' कैटेगरी में डालने जैसा सख्त कदम उठा सकता है, जिससे ट्रेडिंग पर भी असर पड़ सकता है। आगामी बोर्ड मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा होना अनिवार्य है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
