सरकारी कंपनी SJVN Limited को BSE और NSE की ओर से **₹26.88 लाख** का जुर्माना भरना पड़ा है। कंपनी पर बोर्ड और कमेटियों में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की संख्या पूरी न करने का आरोप है।
एक्सचेंजों ने कसा शिकंजा
SJVN को BSE और NSE की तरफ से ₹13.44 लाख का जुर्माना प्रति एक्सचेंज लगाया गया है, जो कुल मिलाकर ₹26.88 लाख होता है। कंपनी ने अब इन नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है और जुर्माने को माफ करवाने के लिए एक्सचेंजों से बातचीत कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह जुर्माना SEBI के लिस्टिंग रेगुलेशन्स के उल्लंघन की वजह से लगाया गया है। दरअसल, कंपनी के बोर्ड और अहम कमेटियों (जैसे ऑडिट, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन, और रिस्क मैनेजमेंट) में तय संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी पाई गई थी। इसके अलावा बोर्ड मीटिंग्स के लिए जरूरी 'कोरम' (Quorum) को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे।
PSU गवर्नेंस की चुनौतियां
एक सरकारी कंपनी (PSU) होने के नाते, SJVN के पास डायरेक्टर नियुक्त करने के लिए पूर्ण अधिकार नहीं होते, क्योंकि यह शक्ति 'मिनिस्ट्री ऑफ पावर' के पास होती है। कंपनी ने सफाई दी है कि प्रशासनिक देरी के कारण यह कमी हुई थी। हाल ही में 17 जुलाई, 2026 को श्रीमती आरती कुजूर को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने के बाद अब कंपनी सभी रेगुलेटरी मानकों को पूरा कर रही है।
अब आगे क्या?
फिलहाल SJVN ने SEBI के नियमों (17(2A), 20(2)/(2A) और 21(2)) का पूरी तरह पालन कर लिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या एक्सचेंज कंपनी की अपील पर जुर्माना माफ करते हैं या नहीं। कंपनी का तर्क है कि यह चूक जानबूझकर नहीं, बल्कि सरकारी नियुक्तियों में देरी की वजह से हुई थी।
