EKI Energy Services पर SEBI की बड़ी कार्रवाई: ₹88 लाख का जुर्माना और ट्रेडिंग पर 2 महीने की पाबंदी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
EKI Energy Services पर SEBI की बड़ी कार्रवाई: ₹88 लाख का जुर्माना और ट्रेडिंग पर 2 महीने की पाबंदी

बाजार नियामक SEBI ने EKI Energy Services और उसके शीर्ष प्रबंधन पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में ₹88 लाख का जुर्माना लगाया है और कंपनी को 2 महीने के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग से रोक दिया है।

SEBI का कड़ा रुख

बाजार नियामक SEBI ने 30 अक्टूबर, 2026 को EKI Energy Services और उसके प्रमुख प्रबंधन के खिलाफ एक आदेश जारी किया है। नियामक ने कंपनी पर इंड AS 115 अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स और LODR नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कुल जुर्माने की राशि ₹0.88 करोड़ तय की गई है, जिसमें से ₹0.12 करोड़ का जुर्माना सीधे EKI Energy Services पर लगाया गया है।

प्रबंधन की प्रतिक्रिया

कंपनी ने SEBI के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। EKI Energy Services का कहना है कि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा इन ट्रांजैक्शंस को लेकर उन्हें दोषी नहीं पाया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उनके मौजूदा प्रोजेक्ट्स और बिजनेस ऑपरेशंस पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे अब इस आदेश को Securities Appellate Tribunal (SAT) में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।

की-मैनेजमेंट पर गाज

जुर्माना सिर्फ कंपनी पर ही नहीं, बल्कि उसके शीर्ष अधिकारियों पर भी लगा है। कंपनी के चेयरमैन और MD मनीष कुमार डबकरा पर ₹0.28 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, अन्य अधिकारियों पर भी 1 से 12 महीने तक के मार्केट बैन लगाए गए हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों को अब SAT की आगामी सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। गवर्नेंस और ओवरसाइट से जुड़े ये सवाल कंपनी की साख पर असर डाल सकते हैं, साथ ही 2 महीने का ट्रेडिंग बैन शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी के लिहाज से भी चिंता का विषय हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.