Reliance Infrastructure: नए लीडर्स और ऑडिटर की नियुक्ति, बड़ी फंड जुटाने की योजना
Reliance Infrastructure Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने नेतृत्व (Leadership) और ऑडिटर (Auditor) में महत्वपूर्ण बदलावों की भी घोषणा की है, और बड़े पैमाने पर फंड जुटाने की तैयारी में है।
नेतृत्व और ऑडिट में बदलाव
कंपनी के बोर्ड ने मेसर्स Paresh Rakesh & Associates LLP को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) और मेसर्स Vijay S. Tiwari & Associates को सीक्रेटेरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) नियुक्त किया है। 23 मई, 2026 से, विजेश बाहू थोटा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद संभालेंगे, और अशीष चतुर्वेदी को नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया गया है।
फंड जुटाने की योजना
Reliance Infrastructure इक्विटी इश्यू के माध्यम से ₹3,000 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए प्राधिकरण (Authorization) की मांग कर रही है। यह कदम भविष्य में विकास, कर्ज प्रबंधन (Debt Management) या नई परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं को दर्शाता है।
कंपनी का संदर्भ और जोखिम
कंपनी कई जटिल परिचालन (Operational) और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें महत्वपूर्ण कानूनी कार्यवाही (Legal Proceedings) भी शामिल है। पिछले ऑडिटर रिपोर्टों ने ED, SEBI और SFIO जैसी एजेंसियों से जुड़े चल रहे कानूनी मामलों के कारण मटेरियल अनिश्चितताओं (Material Uncertainties) और राय की अस्वीकरण (Disclaimer of Opinion) पर प्रकाश डाला है, साथ ही सब्सिडियरीज (Subsidiaries) की गोइंग कंसर्न (Going Concern) स्थिति के बारे में भी चिंता जताई है। ये जोखिम निगरानी के लिए महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं।
मुख्य तिथियां और मीट्रिक्स
- बोर्ड मीटिंग: 23 मई, 2026
- वित्तीय वर्ष का अंत: 31 मार्च, 2026
- स्टेट्यूटरी ऑडिटर: आगामी AGM की समाप्ति तक और उसके बाद पांच लगातार वर्षों के लिए नियुक्त।
- सीक्रेटेरियल ऑडिटर: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए नियुक्त।
- फंड जुटाने का प्राधिकरण: ₹3,000 करोड़ तक के लिए मंजूरी मांगी जा रही है।
क्या देखें
निवेशक ₹3,000 करोड़ की फंड जुटाने की पहल के लिए शेयरधारक अनुमोदन (Shareholder Approval) प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेंगे। कंपनी की चल रही कानूनी और नियामक कार्यवाही (Regulatory Proceedings) के परिणाम भी महत्वपूर्ण हैं। नई नेतृत्व टीम के तहत प्रदर्शन (Performance) एक प्रमुख फोकस होगा।
