Refex Industries Ltd 5 अगस्त, 2026 को शेयरहोल्डर्स की मीटिंग बुलाएगी। कंपनी अपनी ग्रीन मोबिलिटी (Green Mobility) बिजनेस को एक नई कंपनी Refex Mobility Ltd में डीमर्ज (Demerge) करने की योजना पर मंजूरी लेगी। इस कदम से दोनों बिजनेस के लिए अलग मार्केट एक्सेस (Market Access) मिलेगा और वैल्यू अनलॉक (Value Unlock) होगी।
Refex Industries ग्रीन मोबिलिटी बिजनेस को करेगी डीमर्ज
Refex Industries Ltd ने 5 अगस्त, 2026 को अपने इक्विटी शेयरहोल्डर्स (Equity Shareholders) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग का मकसद 'कम्पोजिट स्कीम ऑफ एमाल्गमेशन एंड अरेंजमेंट' (Composite Scheme of Amalgamation and Arrangement) को मंजूरी दिलाना है। इस प्लान के तहत, Refex Green Mobility Limited को Refex Industries Ltd में मर्ज किया जाएगा, जिसके बाद कंबाइंड ग्रीन मोबिलिटी ऑपरेशंस को एक नई कंपनी, Refex Mobility Limited में डीमर्ज किया जाएगा।
क्या हुआ है?
Refex Industries Ltd के शेयरहोल्डर्स की कोर्ट-कन्वेन्ड मीटिंग (Court-convened meeting) 5 अगस्त, 2026 को होनी तय है। इसमें वे Refex Green Mobility Ltd को Refex Industries में मर्ज करने और बाद में ग्रीन मोबिलिटी बिजनेस को एक नई कंपनी, Refex Mobility Ltd में डीमर्ज करने की स्कीम पर वोट करेंगे। उम्मीद है कि यह नई कंपनी BSE और NSE पर लिस्ट होगी।
क्यों है यह अहम?
इस रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) का मकसद ऐश और कोल हैंडलिंग (Ash and Coal Handling) बिजनेस को तेजी से बढ़ रहे ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर से अलग करना है। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे हर बिजनेस सेगमेंट अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी (Growth Strategy) पर फोकस कर सकेगा, अलग से इन्वेस्टमेंट (Investment) आकर्षित कर सकेगा और खास मार्केट अवसरों का फायदा उठा सकेगा। इससे शेयरहोल्डर वैल्यू (Shareholder Value) अनलॉक होने की उम्मीद है।
कंपनी की पिछली स्थिति
31 मार्च, 2026 तक, Refex Industries Ltd का ऑथोराइज्ड कैपिटल (Authorized Capital) ₹95 करोड़ और पेड-अप कैपिटल (Paid-up Capital) ₹27.44 करोड़ था। Refex Green Mobility Ltd का ऑथोराइज्ड कैपिटल ₹80 करोड़ है। कंपनियों ने क्रमशः ₹347.68 करोड़ और ₹88.41 करोड़ के अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स (Unsecured Creditors) और क्रमशः ₹158.91 करोड़ और ₹6.49 करोड़ के सिक्योर्ड क्रेडिटर्स (Secured Creditors) की रिपोर्ट दी है।
क्या बदलेगा?
अगर शेयरहोल्डर्स मंजूरी देते हैं और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) इसे सैंक्शन (Sanction) करता है, तो Refex Industries Ltd के प्रत्येक शेयर के बदले शेयरहोल्डर्स को Refex Mobility Ltd का 1 इक्विटी शेयर (₹2 फेस वैल्यू) मिलेगा। इससे उनका इन्वेस्टमेंट प्रभावी रूप से दो अलग-अलग कंपनियों में बंट जाएगा।
जोखिम
यह पूरी प्रक्रिया नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज (Regulatory Bodies) से जरूरी अप्रूवल (Approval) मिलने पर निर्भर है। इन अप्रूवल में देरी या इनकार से रीस्ट्रक्चरिंग प्लान अटक सकता है या बदल सकता है।
पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)
ऑटोमोटिव (Automotive) और एनर्जी (Energy) सेक्टर की कई कंपनियां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी या रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट को अलग करने के लिए डीमर्जर करती रही हैं। इससे इन्वेस्टर्स (Investors) इन अलग-अलग बिजनेस की ग्रोथ और मार्केट पोटेंशियल (Market Potential) के आधार पर वैल्यू कर सकते हैं।
टाइम-लाइन (Time-bound)
स्कीम की अपॉइंटेड डेट (Appointed Date) 1 अप्रैल, 2025 है। शेयरहोल्डर्स 2 अगस्त से 4 अगस्त, 2026 तक वर्चुअल (Virtual) माध्यम से मीटिंग में भाग ले सकेंगे और रिमोट ई-वोटिंग (Remote e-voting) कर सकेंगे।
आगे क्या?
इन्वेस्टर्स को 5 अगस्त, 2026 की शेयरहोल्डर मीटिंग के नतीजे और इसके बाद NCLT अप्रूवल प्रोसेस पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। Refex Mobility Limited के एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की टाइमलाइन एक महत्वपूर्ण घटना होगी।
