Ravindra Energy के प्रमोटर नरेंद्र मुरकुंबी ने **46.15 लाख** राइट्स एंटाइटलमेंट (Rights Entitlements) को छोड़ दिया है। यह एक ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन (Off-market Transaction) था, जिसकी कुल कीमत **₹0.46 करोड़** है। इस फैसले से एंटाइटलमेंट में उनकी हिस्सेदारी शून्य हो गई है।
प्रमोटर ने क्यों छोड़े राइट्स एंटाइटलमेंट?
Ravindra Energy Limited ने एक अहम जानकारी साझा की है। कंपनी के प्रमोटर, नरेंद्र मधुसूदन मुरकुंबी, ने 46.15 लाख राइट्स एंटाइटलमेंट को छोड़ने का फैसला किया है। यह ट्रांजैक्शन ऑफ-मार्केट (Off-market) हुआ है, जिसका मतलब है कि यह शेयर बाजार के सामान्य खरीद-बिक्री के बाहर हुआ है।
इस कदम से नरेंद्र मुरकुंबी की इन एंटाइटलमेंट में हिस्सेदारी अब पूरी तरह से शून्य हो गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना का कंपनी के मुख्य कारोबार (Core Business Operations) पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसे एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस अपडेट (Governance Update) के तौर पर देखा जा रहा है।
