Rajeswari Infrastructure ने फाइल की कैश फ्लो, ऑडिटर के डिस्क्लेमर से बड़ी चिंता
Rajeswari Infrastructure Ltd. ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुए छमाही के लिए अपनी अपडेटेड कैश फ्लो स्टेटमेंट फाइल की है। इस अवधि के लिए, कंपनी ने कुल ₹0.0003 करोड़ की आय और ₹(0.0607) करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है।
मुख्य घटनाक्रम
कंपनी ने हाल ही में अपनी कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) पूरी की है। इसके बाद, Rajeswari Infrastructure ने अपनी कैश फ्लो स्टेटमेंट जमा की। वित्तीय रिपोर्ट में छमाही अवधि के लिए ₹0.0003 करोड़ की नगण्य कुल आय और ₹(0.0607) करोड़ का नेट लॉस दिखाया गया है। प्रति शेयर आय (EPS) ₹(0.11) थी, और 30 सितंबर 2025 तक कुल संपत्ति ₹13.0894 करोड़ थी।
ऑडिटर का डिस्क्लेमर बड़ी चिंता का सबब
इस फाइलिंग का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु कंपनी के ऑडिटर द्वारा जारी किया गया 'राय का अस्वीकरण' (Disclaimer of Opinion) है। इसका मतलब है कि ऑडिटर वित्तीय विवरणों की निष्पक्षता की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत इकट्ठा नहीं कर सके। समस्याएं एसेट वैल्यूएशन को सत्यापित करने, इन्वेंट्री के अस्तित्व और मूल्य की जांच करने, और देनदारियों का हिसाब-किताब रखने में कठिनाइयों से उत्पन्न होती हैं।
इंसॉल्वेंसी के बाद की निगरानी
CIRP के निष्कर्ष के बाद से, Rajeswari Infrastructure की निगरानी एक निगरानी समिति (Monitoring Committee) द्वारा की जा रही है। श्री संजय मेहरा की अध्यक्षता वाली यह समिति कंपनी के मामलों का प्रबंधन करती है, क्योंकि निदेशक मंडल (Board of Directors) अभी भी निलंबित है। कंपनी 10 मई 2023 को CIRP में गई थी, और 13 जनवरी 2026 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा एक रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दिए जाने के बाद यह प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई।
आगे क्या?
कैश फ्लो स्टेटमेंट का दोबारा सबमिशन एक रेगुलेटरी आवश्यकता को पूरा करता है। हालांकि, ऑडिटर का डिस्क्लेमर बताता है कि कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग और संचालन अभी भी गहन जांच के दायरे में हैं। ऑडिट चिंताओं को दूर करने और वित्तीय पारदर्शिता में सुधार के लिए निगरानी समिति के प्रयास, कंपनी के भविष्य की स्थिरता और राजस्व सृजन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
संभावित जोखिम
निवेशकों को कई जोखिमों से अवगत होना चाहिए: ऑडिटर का डिस्क्लेमर कंपनी की वित्तीय स्थिति की सटीकता पर संदेह पैदा करता है। शून्य के करीब का राजस्व सक्रिय व्यावसायिक संचालन की कमी का संकेत देता है, जो भविष्य की व्यवहार्यता के लिए खतरा है। अनडिस्क्लोज़्ड या कम रिपोर्ट की गई देनदारियों से आगे वित्तीय संकट पैदा हो सकता है, और एसेट वैल्यू पर अनिश्चितता महत्वपूर्ण राइट-डाउन की आवश्यकता पैदा कर सकती है।
प्रगति पर नजर
निवेशकों को भविष्य की कंपनी फाइलिंग्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। Rajeswari Infrastructure या इसकी निगरानी समिति से ऑडिटर की चिंताओं, एसेट सत्यापन पर प्रगति, देनदारियों के समाधान और व्यावसायिक संचालन को फिर से शुरू करने की योजनाओं के बारे में कोई भी स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
