Rajasthan Tube Manufacturing Company Ltd के 5 प्रमोटर्स ने खुद को 'Public' कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की औपचारिक अर्जी दी है। इन सदस्यों का कहना है कि वे कंपनी के मैनेजमेंट में कोई भूमिका नहीं निभाते हैं और न ही कोई कंट्रोल रखते हैं।
प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन का आवेदन
Rajasthan Tube Manufacturing Company Ltd ने जानकारी दी है कि उनके प्रमोटर ग्रुप के 5 सदस्यों ने 'Promoter/Promoter Group' से 'Public' कैटेगरी में जाने का अनुरोध किया है। यह प्रक्रिया SEBI (LODR) रेगुलेशंस के तहत की जा रही है।
आवेदन करने वाले सदस्य और हिस्सेदारी
31 अगस्त, 2026 को मिले इस आवेदन में हरीश चंद जैन, प्रदीप जैन, सौरभ जैन, दीपिका जैन और राजश्री जैन शामिल हैं। इसमें दीपिका जैन के पास 5.15% और राजश्री जैन के पास 4.79% हिस्सेदारी है, जबकि अन्य के पास फिलहाल कोई शेयर नहीं है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह कदम कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इससे प्रमोटर ग्रुप का कंट्रोल कम होता है। आवेदकों ने साफ किया है कि उनके पास कोई स्पेशल वीटो राइट्स नहीं हैं और वे किसी भी की-मैनेजरियल पोजीशन पर नहीं हैं। यदि बोर्ड और शेयरहोल्डर्स इसे मंजूरी देते हैं, तो कंपनी का पब्लिक फ्लोट बढ़ जाएगा।
रेगुलेटरी अपडेट
7 सितंबर, 2026 की फाइलिंग में कंपनी ने स्पष्ट किया है कि SEBI टेकओवर रेगुलेशंस के तहत किसी भी प्रमोटर के शेयर गिरवी (Encumbrance) नहीं रखे गए हैं, जो शेयरहोल्डर्स के लिए पारदर्शिता का संकेत है। अब कंपनी का बोर्ड इस रिक्वेस्ट पर विचार करेगा और उसके बाद शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।
