Liqvd Digital India में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। Rajasthan Global Securities Private Limited ने ओपन मार्केट में अपने **13.16 लाख** शेयर बेच दिए हैं, जिससे उनकी हिस्सेदारी **9.23%** से घटकर **3.31%** रह गई है।
हिस्सेदारी में बड़ी कटौती
Rajasthan Global Securities Private Limited ने 16 अक्टूबर 2026 को ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए Liqvd Digital India Ltd में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेची है। इस सेल के बाद कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी में 5.91% की गिरावट आई है।
क्यों चर्चा में है यह डील?
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिकवाली के बाद कंपनी में प्रमोटर या प्रमुख निवेशक की होल्डिंग 5% के अनिवार्य थ्रेशोल्ड (Threshold) से नीचे आ गई है। SEBI के नियमों (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers Regulations, 2011) के तहत अब इस लेवल से नीचे आने पर अनिवार्य डिस्क्लोजर देना जरूरी हो गया था।
IPO के बाद की हलचल
दिलचस्प बात यह है कि ये शेयर कंपनी को 29 सितंबर 2026 को IPO अलॉटमेंट के जरिए मिले थे। उस समय फर्म के पास 20.54 लाख शेयर थे, जो कुल हिस्सेदारी का 9.23% हिस्सा था। चंद हफ्तों के भीतर इतनी बड़ी बिकवाली ने बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है।
अब आगे क्या?
इस ट्रांजेक्शन के बाद Rajasthan Global Securities के पास अब केवल 7.38 लाख शेयर बचे हैं। अब उन्हें भविष्य में होल्डिंग में बदलाव की जानकारी देने के लिए तब तक बाध्यता नहीं होगी, जब तक वे दोबारा 5% की सीमा को पार नहीं करते। रिटेल निवेशकों को अब यह ट्रैक करना चाहिए कि क्या मार्केट इस सेलिंग प्रेशर को झेल पाता है या आने वाले दिनों में स्टॉक में और उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे।
