Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL) पर NSE ने बोर्ड कंपोजिशन के नियमों का पालन न करने के कारण **₹9.66 लाख** का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार सरकार के पास है और वे जुर्माने को माफ कराने की कोशिश कर रहे हैं।
जुर्माना और अनुपालन का मामला
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL) पर ₹9,66,420 (GST सहित) का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना जून 2026 की तिमाही के दौरान SEBI के LODR नियमों, विशेष रूप से रेगुलेशन 17(1), 18(1), और 19(1)(2) के उल्लंघन के लिए लगाया गया है, जो बोर्ड और कमेटी के गठन से संबंधित हैं।
सरकार बनाम बोर्ड की जिम्मेदारी
RVNL ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि एक सरकारी कंपनी होने के नाते, बोर्ड में निदेशकों की नियुक्ति का अंतिम फैसला भारत सरकार यानी रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) करता है। कंपनी का प्रबंधन इस प्रक्रिया पर सीधा नियंत्रण नहीं रखता है, जिससे बोर्ड कंपोजिशन के मानकों को पूरा करने में देरी हुई है।
आगे की राह और उम्मीद
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी ने इस जुर्माने को माफ (Waiver) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। RVNL को उम्मीद है कि पिछले अनुभवों की तरह, जब सरकारी नियुक्तियां पूरी हो जाएंगी, तो स्टॉक एक्सचेंज इस जुर्माने को हटा देगा। फिलहाल, निवेशक रेल मंत्रालय द्वारा नए बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति के अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।
