Radhagobind Commercial: संकट में फंसी कंपनी की किस्मत का फैसला, 4 नवंबर को होगी अहम बैठक

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Radhagobind Commercial: संकट में फंसी कंपनी की किस्मत का फैसला, 4 नवंबर को होगी अहम बैठक

Radhagobind Commercial Ltd की दिवाला प्रक्रिया (CIRP) एक निर्णायक मोड़ पर है। कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने 4 नवंबर, 2026 को क्रेडिटर्स की 12वीं कमेटी (CoC) की बैठक बुलाई है, जिसमें कंपनी के पुनरुद्धार या लिक्विडेशन पर बड़ा फैसला लिया जाएगा।

बैठक का मुख्य एजेंडा

कंपनी के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि 12वीं कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की बैठक ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य केंद्र कंपनी के लिए पेश किए गए रिजॉल्यूशन प्लान का मूल्यांकन करना है। यह बैठक कंपनी के अस्तित्व के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां क्रेडिटर्स यह तय करेंगे कि क्या कोई प्लान कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए पर्याप्त है या फिर लिक्विडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शेयरधारकों के लिए क्यों है जरूरी?

यह बैठक शेयरधारकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। CoC न केवल रिजॉल्यूशन प्लान की व्यवहार्यता (viability) पर चर्चा करेगी, बल्कि वोटिंग की प्रक्रिया और टाई-ब्रेकर फॉर्मूले को भी अंतिम रूप देगी। यदि Section 30(4) के तहत कोई भी रिजॉल्यूशन प्लान अपेक्षित वोट हासिल करने में विफल रहता है, तो बैठक में इसके बाद की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा।

गवर्नेंस और आगे की चुनौतियां

बैठक के एजेंडे में वित्तीय प्रशासन भी शामिल है। इसमें CIRP लागत, वित्तीय लेनदारों से मिले अंतरिम फाइनेंस की स्थिति और IBBI के पास बकाया रेगुलेटरी फीस की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, Regulation 38(4) के तहत एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाने और लिक्विडेशन से जुड़ी प्रोफेशनल फीस के अनुमानों पर भी मंथन किया जाएगा।

फिलहाल कंपनी NCLT कोलकाता बेंच के दायरे में है और पूरी प्रक्रिया अभी भी काफी अनिश्चितताओं से घिरी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे एक्सचेंज की अगली फाइलिंग पर नजर रखें, क्योंकि RP को मीटिंग के बाद वोटिंग नतीजों और कंपनी की अगली दिशा का खुलासा करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.